छुट्टा पशुओं में सबसे ज्यादा परेशानी लोगों को सांड़ों से होती हैं। सांड़ों को आश्रय देने के लिए विधायक महेंद्र खड़गवंशी और जिला स्तरीय अधिकारियों के प्रयासों से ग्राम समाज की करीब 610 बीघा भूमि में गुरैठा गांव में नंदी अभ्यरण केंद्र बनाया जा रहा है। पिछले दो वर्षों से इसमें काम चल रहा है। नंदी अभ्यारण केंद्र की चारहदीवारी के लिए चारों तरफ खाई खुदवाई गई है। भूसा एकत्र करने के लिए टीनशेड बनाए गए हैं। पशुओं को पानी के लिए तालाब बनाए गए हैं। तालाब में पानी भी छोड़ा गया है। इसके लिए सांड़ों को धूप से बचाने के लिए छायादार वृक्ष लगाए गए हैं। वहीं अधिकारियों की मानें तो नंदी अभ्यारण केंद्र जल्द तैयार हो जाएगा, लेकिन यह कब चालू होगा कुछ कहा नहीं जा सकता। हालांकि पशुओं को चारे के लिए नंदी अभ्यारण केंद्र में नेपियर घास लगाई गई है।
जन सहयोग से बन रहा नंदी अभ्यारण केंद्र
नंदी अभ्यारण केंद्र के लिए शासन से कोई बजट नहीं मिला है। यह जन सहयोग से बनाया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और समाज सेवियों से जनसहयोग लिया जा रहा है। लोगों का कहना है अभ्यारण केंद्र के निर्माण में बहुत ही ढिलाई के साथ हो रहा है। यदि शासन ने इसके लिए बजट मिल जाता तो यह कार्य और भी जल्दी पूरा हो सकता था।
- नंदी अभ्यारण केंद्र पूरी तरह से तैयार हो चुका है। जल्द ही इसे चालू कर दिया जाएगा। क्षेत्र में घूम रहे सांड़ों को इसमें रखा जाएगा। जिससे लोगों को सांड़ों से छुटकारा भी मिल जाएगा।
-अशोक कुमार शर्मा, एसडीएम हसनपुर।