जग्गा नगला गांव के तालाब पर तेंदुए को देखकर फसल की सिंचाई कर रहे किसान के हाथ पैर फूल गए। किसान दबे पांव गांव की तरफ दौड़ा और ग्रामीणों को जानकारी दी। लाठी-डंडों से लैस ग्रामीण मौके की तरफ दौड़े तो तेंदुआ तालाब में घुस गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। इससे पहले टीम और ग्रामीण घेराबंदी करते हुए तेंदुआ तालाब से निकल कर गन्ने के खेत में घुस गया। तेंदुआ देखे जाने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के जग्गा नगला गांव निवासी किसान धर्मेंद्र सिंह शुक्रवार की रात गांव अपने खेत पर फसल की सिंचाई कर रहे थे। तभी उन्होंने तालाब के किनारे तेंदुए को टहलते देखा। धर्मेंद्र ने तेंदुए की तरफ टॉर्च की रोशनी लगाई तो तेंदुआ वहीं रुक गया। तेंदुए को देखकर धर्मेंद्र सिंह के होश उड़ गए। किसी तरह धर्मेंद्र सिंह दबे पांव गांव आए और ग्रामीणों को तालाब के पास तेंदुआ होने की जानकारी दी। थोड़ी देर में लाठी डंडों से लैस ग्रामीण एकत्र होकर तालाब किनारे पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम भी मौके पर आ गई। इस दौरान तेंदुआ तालाब में होता हुआ खेत में जा घुसा। लिहाजा वन विभाग के कर्मचारियों ने अंधेरा होने की बात बताते हुए तेंदुए को तलाश करने से इंकार कर दिया और शनिवार को जाल लगाकर तेंदुए को पकड़ने की बात कह कर वापस लौट आए। शनिवार की सुबह ग्रामीण दहशत के मारे खेत पर जाने से कतराते रहे। ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार को टीम गांव में नहीं पहुंची है।