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Amroha News: बेटी के घर मे मायके पक्ष का हस्तक्षेप हुआ खत्म तो टूटने से बच गए कई परिवार

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छोटे-छोटे विवाद परिवार में दरार डाल रहे हैं। पति पत्नी के बीच शक भी बड़ा कारण बना हुआ है। गलतफहमी की वजह से परिवार टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं। पिछले एक साल में नारी उत्थान केंद्र के द्वारा 529 परिवारों को टूटने से बचाया है। कई मामले ऐसे सामने आए जिनमें बेटी की ससुराल में मायके पक्ष वालों का हस्तक्षेप रहने के कारण विवादों ने जन्म ले लिया। हालांकि जब बेटी के घर से मायके वालों का हस्तक्षेप खत्म हुआ तो परिवार टूटने से बच गए। कई मामले में मोबाइल पर अधिक व्यस्त होने की वजह से टूटने की कगार पर पहुंच गए।
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व्हाट्सएप और फेसबुक पर चैटिग की लत ने कई दंपतियों के वैवाहिक जीवन में दरार डाल दी है। एक-दूसरे को समय देने के बजाए चैटिंग में लगातार व्यस्त रहने के कारण दांपत्य जीवन बिखरने की स्थिति में पहुंच गया। हर माह नारी उत्थान केंद्र में 30 से 35 मामले पति-पत्नी के बीच विवाद के पहुंच रहे हैं। कहीं महिला को पति के दूसरी महिलाओं से बात करने से दिक्कत पैदा हो रही है तो कहीं पति को पत्नी के देर तक फेसबुक पर समय देना पसंद नहीं आ रहा है। कई मामलों में तो मायके वालों का हस्तक्षेप होने की वजह से बेटी के वैवाहिक जीवन में दरार पड़ गई। पति-पत्नी के बीच छोटे-छोटे मामले को लेकर तनातनी इस कदर बढ़ रही है कि सात जन्मों का बंधन तोड़ने पर आमादा हैं। छोटे व मध्यमवर्गीय परिवार ही नहीं बड़े घरानों के विवाद भी नारी उत्थान केंद्र और कचहरी तक तक पहुंच रहे हैं। नारी उत्थान केेंद्र में पहुंचे प्रार्थना पत्र इसकी गवाही दे रहे हैं। आकड़ों की बात करें तो वर्ष 2022 में 809 प्रार्थना पत्र पहुंचे। जिनमें से पुलिस की सुझबुझ से 529 परिवारों को टूटने से बचाया। जबकि जनवरी 2023 में पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद के 30 मामले पुलिस तक पहुंचे। जिसमें 13 मामले में दंपति के बीच चल रहीं गलतफहमियों को दूर कर समझौता कराया गया है।
केस एक
रजबपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक दंपती का मामला भी नारी उत्थान केंद्र पहुंचा। महिला का कहना है कि पति दिन भर मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में शक है कि उनका किसी महिला से चक्कर है। मोबाइल भी नहीं दिखाते हैं। ऐसे में वह तलाक चाहती हैं। सुनवाई के दौरान अगली तारीख लगाकर दोनों परिवारों कोबुलाया गया है। तीन बार की काउंसलिंग के बाद पति को मोबाइल से दूर रहने और किसी दूसरी महिला के चक्कर में न पड़ने की शर्त पर समझौता कराया गया।
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केस दो
नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव के रहने वाली एक महिला शिकायत करते हुए बताया कि उसकी शादी तीन साल पहले हुई है। पति हर समय मोबाइल पर चैटिंग करता है। कुछ काम भी नहीं करता है। मोबाइल पर अकसर व्यस्त रहने के मामले में दोनों परिवार के लोगों के बीच पंचायत भी हुई, लेकिन बात नहीं बनी। हालांकि नारी उत्थान केंद्र में शिकायत के बाद चली काउंसलिंग में बेवजह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने की सहमति पर समझौता हुआ।
केस तीन
संभल के असमौली थानाक्षेत्र के गांव निवासी युवती की शादी रजबपुर थानाक्षेत्र में हुई थी। महिला ने शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता है। इसलिए उसे पति के साथ नहीं रहना। शिकायत के आधार पर नारी उत्थान केंद्र की टीम ने दोनों पक्षों को बुलाकर बात की। पुलिस ने दोनों पक्षों को सुना तो विवाद दूसरा निकला। दरअसल युवती के मायके वाले ससुराल में दखल देते थे। मायके वाले चाहते थे कि दंपति अपने परिवार के अलग रहे। जबकि युवक ये नहीं चाहता था। लिहाजा पुलिस ने विवाद की मुख्य जड़ बने मायके वालों को हस्तक्षेप करने से साफ इंकार कर दिया। उनका हस्तक्षेप खत्म हुआ तो दंपति के बीच चल रही तकरार निपट गई।
केस चार
रजबपुर थानाक्षेत्र की युवती ने डिडौली के युवक के प्रेम विवाह किया था। लेकिन बाद में दोनों पक्षों का मनमुटाव रिस्तेदारी में बदल गया। दोनों परिवार खुशी-खुशी रहने लगे। लेकिन मायके वालों का दखल बेटी की ससुराल में शुरू हुआ तो दंपति के वैवाहिक जीवन में दरार पड़ गई। प्रेम विवाह रचाने वाले युवती ने पति के साथ रहने से इंकार कर दिया। मामला नारी उत्थान केंद्र पहुंचा तो पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बात की। जिसमें सामने आया कि युवती की मां हर-छोटे बड़े मामले में दखत देती हैं जो युवती के ससुराल वालों को पसंद नहीं हैं। महिला पुलिस कर्मियों ने दोनों पक्षों को समझा। साथ ही युवती की मां को बेटी के घर में किसी भी तहर का हस्तक्षेप नहीं करने की नसीहत दी गई। जिसके बाद पति-पत्नी सकुशल रह रहे हैं।
घरेलू विवादों को निपटाने के लिए नारी उत्थान केंद्र और महिला परामर्श केंद्रर भेजा जाता है। यहां दोनों पक्षों को सुनने के बाद समझाया जाता है। ये ही वजह है कि पिछले एक साल में नारी उत्थान केंद्र द्वारा पांच सौ से अधिक परिवार को टूटने के बचाया है। शेष् कई मामलों में काउंसलिंग चल रही है। -आदित्य लांग्हे, एसपी अमरोहा
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