गजरौला(अमरोहा)। महिला को चैटिंग कर धमकी देने और हमला करने के मामले में नामजद इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी को जैसे ही पुलिस ने दबिश दी तो वह भागने के लिए छत से कूद गया। नीचे गिरकर उसका पैर टूट गया। पुलिस ने चुपचाप उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से जिला अस्पताल को रेफर कर दिया गया। यह पूरा मामला बृहस्पतिवार की रात थाना रजबपुर में स्थित गांव हुमायूं नगर का है। यह गांव आरोपी इंस्पेक्टर का है।
रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव निवासी इंस्पेक्टर निरंजन सिंह सिरोही की तैनाती गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में थी। उसके खिलाफ बीते मई में क्षेत्र के एक गांव निवासी फौजी की पत्नी ने थाना गजरौला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस पर आरोप है कि 26 अप्रैल की रात साढ़े 11 बजे वह गजरौला थाना क्षेत्र में फौजी के घर आया था। यहां मिली फौजी की मां पर हमला किया था। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। फौजी की पत्नी के शोर मचाने पर आए उसके ताऊ को देख भाग गया था। वह इंस्पेक्टर होने का रौब दिखाता और झूठे केस में फंसाने की धमकी देता था। थाना गजरौला पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 506-जान से मारने की धमकी देना, 323-गाली गलौज करने, 352- हमला करने, 67 सूचना प्रौद्योगिकी ( संशोधन) अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। उसे निलंबित कर दिया गया था। तब से पुलिस उसे तलाश कर रही थी।
बृहस्पतिवार को पुलिस को सूचना मिली कि गांव रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव हुमायूं नगर वह अपने घर पर आया हुआ है। जिस पर गजरौला पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को देख वह भागने के लिए छत से कूद गया। जिससे उसके पैर में फ्रेक्चर हो गया। पुलिस ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सीओ अरुण कुमार सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह है पूरा प्रकरण
आरोपी इंस्पेक्टर पीड़िता फौजी की पत्नी का रिश्तेदार है। उस पर आरोप है कि वह तीन अलग-अलग नंबरों से पीड़िता व उसके फौजी पति को फोन कर गाली गलौज करने व जान से मारने की धमकी देता था। बीते 13 अप्रैल से जून तक उसने एक अन्य मोबाइल नंबर से लड़की बन कर फौजी की पत्नी के साथ चैटिंग की। पत्नी को फौजी के खिलाफ भड़काया। कहा था कि अपने पति को तलाक देकर मेरे पास आ जा। नहीं आने पर अंजाम भुगतने और फौजी की पत्नी के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर बदनाम करने की धमकी दी थी। उसके खिलाफ थाना गजरौला में मुकदमा दर्ज किया गया तो उसने एक जून को प्रेस वार्ता की। खुद को बेगुनाह बताया था। कहा था कि पीड़िता पर उसकी मोटी रकम है। जिसे देने से बचने के लिए उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल इंस्पेक्टर को निलंबित चल रहा है।