अमरोहा/रूखालू। अवैध संबंधों में बाधक बने पति की हत्या कर शव गन्ने के खेत में दबा दिया। बाद में खुद ही कोतवाली पहुंच कर गुमशुदगी भी दर्ज करा दी। शक के आधार पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पत्नी और भाई ने सारा राज उगल दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गन्ने के खेत से शव बरामद किया है। गले हुए शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेजा। हत्यारोपी पत्नी और भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसपी डॉ. विपिन ताडा ने पुलिस ऑफिस में हत्याकांड का खुलासा किया। एसपी के मुताबिक हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव जयतौली में स्व. करन सिंह का परिवार रहता है। उनके परिवार में चार बेटे हैं। दूसरे नंबर के बेटे समरपाल (45) के परिवार में पत्नी जयंती के अलावा चार बेटे विकास, ऋषिपाल, राहुल और अंकुश हैं। जबकि सबसे छोटा बेटे पप्पू की पत्नी छोटी की आठ साल पहले डिलीवरी के दौरान मौत हो गई थी। उधर, छह साल पहले समर पाल सड़क हादसे में घायल हो गया। इसके बाद वह कमजोर रहने लगा। आरोप है कि इस बीच उसे पत्नी के अवैध संबंधों के बारे में पता चला तो उसके साथ गाली गलौच और मारपीट करने लगा। एक जुलाई की रात भी समरपाल ने शराब पीकर पत्नी से मारपीट की थी। इस दौरान समरपाल पीछे की ओर गिर पड़ा और पत्थर से सिर टकराने पर उसकी मौत हो गई। पुलिस से बचने के लिए जयंती और पप्पू ने समरपाल की लाश को गांव के पास ईंख के एक खेत में गड्डा खोदकर दबा दिया। वारदात के पंद्रह दिन बाद पत्नी जयंती ने देवर के साथ कोतवाली पहुंचकर पति की गुमशुदगी दर्ज कराई। शक के आधार पर पुलिस ने जयंती और पप्पू को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने हत्या का राज उगल दिया। मंगलवार की सुबह पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर समरपाल की लाश को ईंख के खेत से बरामद कर लिया। शव पूरी तरह गल चुका था। उन्होंने बताया कि हत्यारोपी पत्नी जयंती और उसके देवर पप्पू को गिरफ्तार कर हत्या और साक्ष्य छिपाने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एक जुलाई से लापता था समरपाल
रूखालू। समरपाल सिंह (45 वर्ष) एक जुलाई से लापता था। जबकि पत्नी जयंती ने अपने देवर पप्पू के साथ कोतवाली पहुंचकर 16 जुलाई को पति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया कि समरपाल घर से यह कहकर गया था कि वह एक से डेढ़ घंटे में वापस आ जाएगा। लेकिन अभी तक वापस नहीं लौटा। जयंती की तहरीर के आधार पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली। हसनपुर सीओ अजय कुमार के निर्देशन में जांच कराई गई। जिसमें पुलिस को शक हुआ कि जयंती ने पति की गुमशुदगी पंद्रह दिन बाद क्यों दर्ज कराई। इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने गांव में भी गोपनीय रूप से जांच की। जिसमें समरपाल की पत्नी के अवैध संबंधों का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने समरपाल की पत्नी और उसके भाई से सख्ती से पूछताछ की तो घटना का खुलासा हुआ।