अमरोहा। पिछले दो दिनों से मौसम पूरी तरह बदल गया है। शुक्रवार को पहली बार पारा 36 डिग्री पर पहुंचा। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ा है। जिला अस्पताल में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बुखार, जुकाम, त्वचा, मलेरिया रोगों का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचने वाला हर पांचवां मरीज बुखार से पीड़ित था। वहीं गर्मी के साथ बेतहाशा उमस ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। दिन भर लोग पसीने-पसीने हाेते रहे। हालांकि, दोपहर में कुछ देर के लिए मौसम बदला जरूर, लेकिन हल्की बूंदाबांदी के बाद फिर से उमस में और इजाफा हो गया।
मौसम में उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। इसी महीने ही मौसम में कई बार परिवर्तन देखने को मिला। जिससे रोगों में इजाफा हो रहा है। संक्रामक बीमारियों से लोग पीड़ित हो रहे हैं। इन दिनों जुकाम, बुखार, त्वचा, उल्टी दस्त के साथ मलेरिया पर भी पैर पसारने लगा है। मौसम में बढ़ रही नमी के चलते अन्य प्रकार की बैक्टीरियल-वायरल संक्रमण का भी खतरा बढ़ रहा है। यही वजह है कि अस्पतालों में मरीजों की भीड़ पहुंच रही है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में 1150 मरीजाें की ओपीडी हुई। जिसमें जुकाम- बुखार के 223, त्वचा रोग के 177, उल्टी दस्त 123, आंखों के 155 के अलावा अन्य मरीज शामिल थे।
मलेरिया को लेकर अलर्ट हुआ महकमा
जिले में मलेरिया ने दस्तक दे दी है। दो दिन पूर्व एक किशोरी मलेरिया से संक्रमित मिली थी। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो दिन इलाज चलने के बाद गुरुवार शाम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मलेरिया को लेकर विभाग अलर्ट है। सीएमएस ने बताया कि पूर्व में संचारी रोग अभियान चलाया गया था। जो गांव-गांव पहुंचकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के बारे में जागरूक कर रहे हैं। वहीं, अस्पताल में भी इसे लेकर तैयारी पूरी है।
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एक सप्ताह में 5910 की हुई ओपीडी
मौसम में बदलाव हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। यही वजह है कि एकाएक जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले एक सप्ताह में जिला अस्पताल में 5910 मरीजों की ओपीडी हुई है। चिकित्सक लगातार लाेगों से सतर्कता बरतने के लिए कह रहे हैं। वहीं, अच्छा खान पान के साथ इम्युनिटी बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं।
बाहर का खाना बिगाड़ रहा सेहत
बरसात के मौसम में दूषित खान-पीन लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। अधिकांशत: बाहर का फास्टफूड बीमारियों का कारक बन रहा है। जिला अस्पताल की सीएमएस डाॅ. प्रेमापंत त्रिपाठी का कहना हैं कि बाहर का दूषित खाना पीना आंत और पेट में इंफेक्शन पैदा करता है। जिससे रोगी को तेज बुखार और पेट और जोड़ों में दर्द महसूस होता है। उनका कहना है कि इस मौसम में बाहर का भोजन एवं बासी खाने से परहेज करना चाहिए। लक्षण पाए जाने पर किसी भी योग्य चिकित्सक से जांच और इलाज कराना चाहिए।
बचाव के लिए यह करें
- जितना हो सके बाहर का खाने से परहेज करना चाहिए।
- खाने से पहले हाथ जरूर साफ करने चाहिए।
- फल एवं सब्जी बिना धोए इस्तेमाल न करें।
- पानी को उबालकर और छानकर पीएं।
- कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करें।
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