गर्मी में शरीर में पानी की आपूर्ति करने वाले और बेहद गुणकारी तरबूज का स्वाद पुरवाई ने फीका कर दिया है। कई दिन से चल रही पूर्वा हवा ने इसकी मिठास कम कर दी है। इसके चलते इसे खरीदार नहीं मिल रहे हैं। खरीदार नहीं मिलने के कारण बाजारों में इसके ढेर लगे हैं। इससे तरबूज उत्पादक किसानों को नुकसान हो रहा है।
गर्मी और लू में तरबूज की मिठास और बढ़ जाती है। तरबूज खाने से शरीर में पानी की भी जरूरत पूरी होती है। जितनी ज्यादा लू और भीषण गर्मी पड़ती है, तरबूज उतना ही फायदेमंद होता जाता है। अप्रैल के आखिरी दिन से ही गर्मी और तपिश का अहसास होने लगा था।
आग उगल रहे सूरज से लोग बेहाल हो गए थे, मगर तीन दिन से चल रही पुरवाई ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। हवा के चलते तरबूज का स्वाद फीका होने लगा है। फीका एवं स्वादहीन होने के कारण इसके खरीदार नहीं मिल रहे हैं। बाजारों में तरबूज के ढेर लगे हैं, लेकिन इसके खरीदार नहीं आ रहे हैं।
तरबूज भीषण गर्मी में खासा गुणकारी होता है। इसके सेवन से लू व गर्मी से निजात मिलती है। मगर अब तीन दिन से चल रही पुरवाई हवा के चलते इसका स्वाद बिगड़ गया है।- डा.एके जैन, जिला अस्पताल
किसानों को हो रहा घाटा
पुरवाई के चलते बिगड़े तरबूज के स्वाद के चलते किसानों को भी खासा नुकसान हो रहा है। सिबौरा गांव निवासी तरबूज उत्पादक किसान लेखराज ने बताया कि शुरू में तरबूज अच्छा महंगा बिक रहा था, मगर अब तीन दिन से पुरवाई चल रही है। इसके चलते इसका स्वाद फीका हो गया है। लोग इसकी खरीदारी नहीं कर रहे हैं।
पूर्वा चलने से तरबूज की मिठास कम हो जाती है। वह स्वादहीन लगने लगता है। जड़ों में कीड़े भी लगने लगते हैं। इससे उत्पादन भी प्रभावित होता है।- चरण सिंह, जिला कृषि अधिकारी, अमरोहा