गजरौला(अमरोहा)। हरिद्वार से दस हजार और कालागढ़ से पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ गया। तिगरी में पुरोहितों व फूल प्रसाद बेचने वालों की झोपड़ी जलमग्न हो गईं। केवटों के ठिकानों में भी पानी भर गया। पानी से बचाने के लिए लोग सामान समेट कर घर ले जाने लगे।
बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत ने बताया कि रविवार सुबह छह बजे हरिद्वार से गंगा में दस हजार क्यूसेक व कालागढ़ से पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे गंगा उफान पर है। तिगरी में गंगा का जल स्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ कर गेज 198.80 मीटर हो गया। उधर इलाके में हो रही बारिश के कारण भी जलस्तर में वृद्धि हुई है। बाढ़ का पानी तिगरी में किनारों पर आ गया है। जहां पर दो दिन पूर्व सूखा था, वहां पानी भर गया है। गंगा किनारे पुरोहितों, फूल प्रसाद बेचने वालों की झोपड़ी, होटल, ढाबों को अपनी चपेट में ले लिया। उनमें बाढ़ का पानी भरने लगा है। कुछ दुकानदार बाढ़ के कारण अपना सामान समेट कर घर ले जाने लगे।
जेई का कहना है कि हालांकि खतरे के निशान से गंगा अभी काफी दूर है। तिगरी में 202 मीटर जलस्तर खतरे का निशान है। संभावना जताई जा रही है कि पहाड़ों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर हो रही बारिश से जलस्तर बढ़ सकता है।