अमरोहा। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बने अवैध कट लगातार खतरनाक साबित हो रहे हैं। छह लेन के हाईवे पर बने अवैध कट हादसों का शॉर्टकट बन रहे हैं। ब्रजघाट से लेकर मुरादाबाद की सीमा तक हर एक किलोमीटर की दूरी पर अवैध कट बने नजर आ रहे हैं। हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहनों के बीच यहां से गुजरना मुसीबत बन जाता है।
रजबपुर बाईपास, अतरासी चौराहा, डिडौली, चौधरपुर ओवरब्रिज और बुढ़नपुर में सबसे अधिक हादसे हुए हैं। अब इसे प्रशासन की उदासीनता कहेंगे या फिर लोगों में जागरूकता का अभाव। नेशनल हाईवे पर बने अवैध कटों से बेपरवाह होकर लोग सड़क पार करते हैं। इन अवैध कटों पर किसी अधिकारी की नजर नहीं पड़ती है। रविवार को गजरौला चौधरपुर तक हाईवे पर पड़ताल की गई तो कई अवैध कट मिले।
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हादसों को दावत दे रहे हाईवे पर बने अवैध कट
गजरौला। हाईवे पर बने अवैध कट हादसों का दावत दे रहे हैं। जिनसे बाइक आदि काे पार करते समय लोग न सिर्फ यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं बल्कि अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं। स्थिति यह है कि हाईवे पर श्री राम मंदिर के पास चार से पांच कट बने हुए हैं। जबकि, भानपुर फाटक से रजबपुर सीमा तक भी कई अवैध कट बने हैं। वहीं, हाईवे पर ख्यालीपुर ढाल व मोहम्मदाबाद तक तीन अवैध कटों से लोग हाईवे पार करते हैं। कई कट इतने बड़े हैं कि उनसे ट्रैक्टर ट्रॉली तक निकल जाती हैं। इन अवैध कट के चलते कई हादसे हो सकते हैं।
सड़क पार करते समय होते हैं हादसे
डिडौली/जोया। जोया से डिडौली के बीच करीब छह किलोमीटर की दूरी में आठ अवैध कट बने हैं। श्योनाली में एक तरफ से दूसरी ओर जाने के लिए डिडौली के पुल के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, लेकिन किसी को पैदल सड़क पार करनी हो तो वह डिडौली पुल तक नहीं जा सकता है। श्योनाली में जियारत के सामने, हाईवे पर डिडौली अड्डा, जिवाई चौकी के सामने, बुढ़नपुर के सामने, चौधरपुर में पुल से पहले और बाद में, जोया पेट्रोल पंप के सामने, हरियाना गांव के सामने अवैध कट बने हैं। यहां पर किसी तरह का संकेतक नहीं होना भी इसकी मुख्य वजह रहती है।
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पांच महीने में 53 हादसे, 36 लोगों की जान गई, 66 घायल
हाईवे पर सफर खतरनाक साबित हो रहा है। डिडौली, चौधरपुर ओवरब्रिज और बुढ़नपुर में सबसे अधिक हादसे हुए हैं। इसी माह आठ जून नेशनल हाईवे पर भाई-बहन समेत चार लोगों की सड़क हादसे में जान चली गई थी। ये सभी हादसे डिडौली क्षेत्र में चौधरपुर ओवरब्रिज के पास हुए थे। आंकड़ों की बात करें तो साल 2023 में अप्रैल से एक सितंबर 2023 तक जनपद में 207 सड़क हादसे हुए। जिसमें 119 लोगों की मौत हुई है। जबकि 243 लोग घायल हुए हैं। वहीं इस साल 2024 में एक जनवरी 2024 से अब तक पांच महीने में करीब 53 हादसे हुए हैं। जिनमें करीब 36 लोगों की जान गई है। वहीं 66 लोग घायल हुए हैं।
जल्दबाजी होती है जान की दुश्मन
जोया और डिडौली के बीच पर हाईवे पर बने अवैध कट अक्सर हादसे का कारण बनते हैं। पूरे दिन दो पहिया वाहन हाईवे से आरपार होकर गलत दिशा में पहुंच जाते हैं। इस कारण अक्सर भारी वाहन या दोपहिया वाहन सवार हादसे का शिकार हो जाते हैं। जोया और डिडौली के बीच फैक्टरियां भी पड़ती हैं। हादसे की वजह भी जल्दी में सड़क पार करना बन जाती है। संवाद
22 से शुरू होगी कांवड़ यात्रा, नहीं ली सुध
22 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी। हालांकि, पुलिस प्रशासनिक स्तर से कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर वाहनों का संचालन बंद करते हुए रूट डायवर्जन किया जाता है। लेकिन, हाईवे पर बने ये अवैध कट उनके लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। वजह यह है कि बीच-बीच में एक लेन पर वाहनों का संचालन होता है, कई बार वाहन चालक अवैध कट का प्रयोग करते हुए दूसरी लेन पर पहुंचने का प्रयास करते हैं।
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अवैध कट बंद कराने के लिए पुलिस और प्रशासन अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। कांवड़ यात्रा से पूर्व सभी अवैध कटों को चिह्नित कर उन्हें बंद कराया जाएगा। पूर्व में कई बार जगह-जगह बने अवैध कट बंद कराए गए, लेकिन स्थानीय लोग उन्हें दोबारा बना लेते हैं। लेकिन, इस बार पूरी तैयारी के साथ इन्हें बंद कराया जाएगा।
-ललित मोहन, जीएम, आईआरबी कंपनी, एनएचएआई