रसूखदारों के जिले में लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं हैं। प्रदेश सरकार में जिले के दो कैबिनेट मंत्री और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के चेयरमैन, कृषि एवं अनुसंधान परिषद के सलाहकार, खाद्य एवं रसद विभाग के सलाहकार समेत सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी की कई सियासी हस्तियों का निवास जिले में है। इसके बाद भी बुनियादी सुविधाओं का यहां के लोगों को न मिलना, इनके प्रयासों पर सवाल खड़ा कर रहा है।
हाल यह है कि, शहर में आज तक जल निकासी का ही इंतजाम न हो सका। महज कुछ देर की बारिश में शहर तालाब सा नजर आने लगता है। जिस रास्ते से गुजरेंगे, पानी ही पानी नजर आएगा। सभी जगह बाढ़ सरीखे हालात नजर आते हैं। इनमें कैबिनेट मंत्री महबूब अली का घर अमरोहा शहर में ही है। दूर की छोड़िए उनके आवास के पास भी बरसाती पानी नदी जैसा हाल दिखता है। जहां दो कैबिनेट मंत्री और तीन दर्जा प्राप्त मंत्री होने से जिले को वीवीआईपी माना जाता है, फिर भी लोगों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
33 करोड़ का नाला भी नहीं हुआ चालूः नगर के पानी की निकासी को कांठ मार्ग पर 33 करोड़ रुपये की लागत से नाला बनाया जा रहा है, जिसके निर्माण का कार्य अभी तक चल रहा है। साल भर से अधिक समय बीतने के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी है।