गजरौला (अमरोहा)। बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गंगा उफान पर है। क्षेत्र के अधिकतर गांवों में फसलें जलमग्न हो गईं हैं, जिससे स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है।
बिजनौर के बैराज से गंगा में बुधवार की सुबह 94451 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि शाम को चार बजे 87171 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जो देर रात क्षेत्र में पहुंचेगा। वर्तमान में गंगा का जलस्तर बढ़कर 200.10 मीटर हो गया है। हालांकि यह खतरे के निशान से करीब दो मीटर दूर है। तिगरी में गंगा जल के खतरे का निशान 202 मीटर है। बाढ़ खंड विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के मुताबिक खतरे के निशान से तकरीबन दो मीटर कम है। गंगा में लगातार बढ़ रहे पानी से क्षेत्र के तिगरी, मोहरका पट्टी, ओसीता जगदेवपुर, मोहम्मदाबाद, कांकाठेर, धौरिया, बिलड़ा आदि गांवों के खेतों में पानी भर गया है। उधर गंगा के टापू में बसे गांव चारों तरफ से घिर गए हैं। आवागमन बाधित हो गया है। बाढ़ के पानी के कारण मेंथा, सब्जियों की फसल, मक्का, चारे की फसल नष्ट हो गई हैं। निचले इलाकों में गन्ने की फसल भी प्रभावित हो रही है। इधर बाढ़ के कारण जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात पुलिसकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं गजरौला थाना प्रभारी शरद मलिक ने तिगरी में जाकर बाढ़ की जानकारी ली। ग्रामीणों से गहरे पानी में न जाने को कहा।