गजरौला। बिजनौर बैराज से 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़ गया। तिगरी में जलस्तर 200.75 से बढ़कर 200.80 मीटर पर पहुंच गया। तिगरी में गंगा खतरे के निशान 202 मीटर से 1.2 मीटर दूर बह रही है।
मंगलवार को बिजनौर बैराज से 1,44,807 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 200.80 मीटर पर पहुंच गया। खादर क्षेत्र के गांव दारानगर, टीकों वाली, शीशों वाली, भुड्डी वाली में बाढ़ का पानी घुस गया।
धान की फसलें डूब जाने के कारण बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गईं। मोहरका पट्टी निवासी चौकीदार तस्लीम अहमद ने बताया कि दो लाख रुपये उधार लेकर शकरकंद की फसल उगाई थी, जो बाढ़ में नष्ट हो गई। हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव सिरसा गुर्जर के विशंभर सिंह नागर ने बताया कि दस बीघे से अधिक धान की रोपाई की थी। बाढ़ से पूरी फसल चौपट हो गई।
बाढ़ खंड विभाग के जेई सुभाष चंद गहलौत ने बताया कि बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर में वृद्धि हो रही है। मंगलवार को पांच सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है।