अमरोहा। बगैर अनुमति वक्फ बोर्ड की जमीन में 16 दुकानें बनाकर उन्हें बेच दिया गया। इतना ही नहीं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में याचिका दायर कर दी। इस मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस जांच कर रही है।
सैयद हसन रजा रिजवी वक्फ बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी हैं। उनका आरोप है कि उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ द्वारा अमरोहा नगर के मोहल्ला घेर मुनाफ के रहने वाले अनवर सिब्तैन को वर्ष 2012 में मुतवल्ली नियुक्त किया गया था। अनवर सिब्तैन ने अपने कार्यकाल में बहुत अनियमितताएं कीं। इतना ही नहीं वक्फ संपत्ति पर अवैध रूप से बगैर बोर्ड से अनुमति लिए 16 दुकानों का निर्माण कर लिया गया। जिसके बाद स्थानीय लोगों व शिया समुदाय में रोष उत्पन्न हो गया। इस क्रम में बोर्ड के समक्ष 2 मई 2023 को अपर सर्वे कमिश्नर वक्फ उत्तर प्रदेश ने अवैध निर्माण की जांच कर कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान अनवर सिब्तैन ने अपने स्पष्टीकरण में यह बताया कि उन्होंने निर्माण बोर्ड से अनुमति प्राप्त होने के बाद कराया है। जबकि उन्होंने स्पष्टीकरण के साथ बोर्ड के किसी भी आदेश की प्रति संगलन नहीं की। जबकि मुख्य कार्यपालक अधिकारी के एक कूटरचित पत्र की छाया प्रति 9 मई 2023 को प्रस्तुत की गई, जो की बोर्ड के अभिलेखों में नहीं है। इसके बाद वक्फ बोर्ड ने अनवर सिब्तैन के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को आधारहीन मानते हुए वक्फ संपत्ति पर बनाई गई दुकानों को सील करने के आदेश जिलाधिकारी और अपर सर्वे आयुक्त वक्फ अमरोहा को दिए। इसके बाद अनवर सिब्तैन ने न्यायालय में याचिका दायर कर दी। जिसमें न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिए की अनवर सिब्तैन बोर्ड के समक्ष सभी साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे और बोर्ड द्वारा उन्हें समुचित सुनवाई का अवसर दिया जाएगा।
लेकिन, अनवर सिब्तैन ने बोर्ड के सामने कोई भी साक्ष्य और सबूत प्रस्तुत नहीं किया। लिहाजा वक्फ बोर्ड ने अनवर सिब्तैन की तरफ से दायर किया गया प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया। आरोप है कि अनवर सिब्तैन द्वारा धोखाधड़ी करके अवैध रूप से 16 दुकान बनवाकर मोटी रकम लेकर लोगों को बेच दी गई है। जिससे वक्फ संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है।
सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि मामले में प्रशासनिक अधिकारी सैयद हसन रजा रिजवी की तहरीर पर अनवर सिब्तैन के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।