अघोषित बिजली कटौती और फाल्ट ने क्षेत्र में हालात बिगाड़ दिए हैं। इससे आए दिन बवाल हो रहा है। लड़खड़ाई आपूर्ति व्यवस्था से खफा किसानों की ओर से हसनपुर बिजलीघर में तोड़फोड़ को 24 घंटे भी नहीं थे कि, शुक्रवार को किसानों ने रहरा बिजलीघर पर धावा बोल दिया।
छह गांवों के किसानों ने बिजलीघर पहुंचकर तालाबंदी कर दी। इस दौरान जेई व अन्य कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर अधिशासी अभियंता ने 28 मई से चौबीस घंटे बिजली देने का भरोसा दिलाया। कहा कि बिजलीघर के तीनों फीडरों को आठ-आठ घंटे चलाया जाएगा। इस पर किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
क्षेत्र के गंगेश्वरी,फूलपुर, दौरारा, भावली,रहरा, सिमथला आदि गांव को बिजली न मिलने से नाराज किसान एकत्र होकर सुबह करीब सात बजे रहरा बिजलीघर पहुंच गए। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान बिजलीघर पर तैनात कर्मचारियों से किसानों की जमकर नोकझोंक हुई। इस पर किसान और भड़क गए।
उग्र किसानों ने करीब पौने नौ बजे बिजलीघर में तालाबंदी कर दी। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जानकारी मिलने पर अधिशासी अभियंता भी रहरा बिजलीघर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान बिजली आपूर्ति की मांग करते रहे।
इस पर अधिशासी अभियंता ने बिजलीघर को चौबीस घंटे बिजली देने साथ ही तीनों फीडरों को आठ-आठ घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया, जिस पर किसान मान गए। बिजली घर में लगाया ताला खोल दिया। किसानों से अधिशासी अभियंता ने सड़क किनारे जमीन मिलने पर उच्च केवीए का बिजलीघर बनवाने का भी आश्वासन दिया है। इस दौरान चेतराम, सुधीस त्यागी, सोनू, रविंद्र, नीरज, अमरीश आदि मौजूद रहे।