रजबपुर। मासूम शिव की कुत्तों के हमले में मौत और उसके सदमे में चचेरी दादी मूर्ति देवी की मौत के बाद कूबी के ग्रामीण गुस्से में हैं। सोमवार को ग्रामीण लाठी-डंडों से लैस होकर दिनभर जंगल में कांबिंग करते रहे। उस स्थान पर भी पहुंचे जहां को कुत्तों ने शिव को नोंच कर मार डाला था। ग्रामीणों ने कुत्तों को दूर तक खदेड़ा। साथ ही प्रशासन से खूंखार कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।
रविवार की शाम कुत्तों ने 8 वर्षीय शिव को नोंचकर मार डाला था। उसके सदमे में उसकी चचेरी दादी मूर्ति देवी की भी मौत हो गई। एक के बाद एक दो मौत होने से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। सोमवार की सुबह तमाम ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर उसी स्थान पर पहुंच गए, जहां मासूम शिव को कुत्तों ने नोंच कर मार डाला था। गुस्साए ग्रामीणों ने जंगल में कांबिंग की। गन्ने के खेत में भी कुत्तों को तलाशा गया। जो भी कुत्ता खेतों में घूमता दिखाई दिया, उसे दूर तक दौड़ाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में घूमने वाले कुत्ते खूंखार हो गए हैं। उनके मुंह खून लग गया है। क्योंकि यह कुत्ते आए दिन छुट्टा पशुओं पर हमला करते हैं। पिछले दिनों ऐसे कई छुट्टा पशु मिले थे जिन पर कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया था। यही वजह है कि कुत्ते इंसानों पर भी हमला करने लगे हैं। जिले में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। न तो ब्लाॅक और न ही प्रशासनिक स्तर की टीम यहां पहुंची। वहीं, कुत्तों को पकड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि प्रशासन ऐसे कुत्तों को पकड़वाने की कार्रवाई करें। यदि इस तरह की कोई दूसरी घटना घटी तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
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