गजरौला। थाना पुलिस द्वारा साथी सहित दो के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई किए जाने पर ग्राम प्रधानों का गुस्सा फूट पड़ा। ब्लॉक सभागार में बैठक कर पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराया। नारेबाजी कर थाने पहुंचे और थाना प्रभारी से मिल कर कार्रवाई को गलत बताते हुए गुंडा एक्ट खत्म करने को कहा। फोन पर एसपी ने मामले की जांच कर इंसाफ का आश्वासन दिया।
क्षेत्र के ग्राम प्रधान शुक्रवार को ब्लॉक सभागार में एकत्र हुए। यहां पर आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि गजरौला पुलिस ने क्षेत्र के हैबतपुर गौसाईं निवासी ग्राम प्रधान हैप्पी प्रधान उर्फ जयकीरत सिंह और बैरमपुर निवासी पिंटू धारीवाल के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की। जयकीरत सिंह दूसरी बार ग्राम प्रधान निर्वाचित किए गए हैं। उन पर और ब्रह्मपाल सिंह उर्फ पिंटू धारीवाल पर की गई कार्रवाई पुलिस की मनमानी है। इसके बाद भाजपा जिला उपाध्यक्ष के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए थाने में पहुंचकर इंस्पेक्टर हरीशवर्धन सिंह से मिले। चौधरी वीरेंद्र सिंह व प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष मनिपाल ढिल्लो ने फोन पर एसपी कुंवर अनुपम सिंह से बात की। कहा कि उनको इंसाफ नहीं मिला तो एसपी ऑफिस पर धरने को मजबूर हाेंगे। एसपी ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर इंसाफ दिलाया जाएगा। इस मौके पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजेंद्र सिंह उर्फ पप्पू, हेमंत शर्मा, सतेंद्र सिंह, वीर सिंह भगत, संजीव कुमार, उधम सिंह गिल, कबीर खां, गौरव चौधरी, राजेश प्रधान, पंकज सिंह, औसाफ खां, अनुज चौधरी आदि मौजूद रहे।
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जिसके लिए मुकदमा झेला वही बार-बार झूठे मुकदमों में फंसा रहा
गजरौला। गुंडा एक्ट की कार्रवाई किए जाने पर आक्रोशित जयकीरत सिंह उर्फ हैप्पी प्रधान व ब्रह्मपाल सिंह उर्फ पिंटू धारीवाल का कहना है कि उन्होंने एक नेता को फर्श से अर्श तक पहुंचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके कारण ही अपने ऊपर मुकदमा झेला। बताते चलें कि वर्ष 2019 में नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव ऊमरी जानिब गर्व गांव निवासी बृजेश सिंह ढिल्लों ने नेता समेत 15 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। तब उन्होंने उसकी बहुत मदद की थी।
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