अमरोहा। रजनीश अग्रवाल की ओम संस फूड इंडस्ट्रीज फैक्टरी में आग लगते ही चीख पुकार मच गई। वहां काम कर रहे मजदूर इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाने में लग गए। हालांकि, वहां मौजूद मजदूर अजीत की जलकर मौत हो गई। लेकिन, चार घंटे तक भीषण मंजर देख लोग सहमे रहे। दमकल कर्मियों की टीम ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। वहीं, मौके पर उठतीं आग की लपटें दहशत का माहौल पैदा कर रही थीं।
चौधरपुर से नवादा को जाने वाले पर मार्ग पर मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल के भाई रजनीश अग्रवाल की ओम संस फूड फैक्टरी में तड़के चार बजे आग लग गई। देखते ही देखते आग इतनी विकराल हो गई कि ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। इस दौरान वहां मौजूद 25 कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ने लगे। वहीं, आग लगने की सूचना पर स्थानीय लोग भी एकत्र हो गए। सूचना पर पुलिस व दमकल टीमें वहां पहुंच गईं। आग की लपटों के बीच वहां का मंजर भयावह हो गया। लोग शोर मचाते हुए मजदूर को बचाने के लिए शोर मचाने लगे। हालांकि, किसी तरह सभी मजदूर सकुशल बाहर निकल आए। हालांकि, इस दौरान रामपुर जनपद के बेनजीर निवासी 25 वर्षीय मजदूर अजीत आग की चपेट में आकर मौत हो गई। उधर, दमकल कर्मियों की टीम आग बुझाने का प्रयास करती रहीं, लेकिन स्थिति बेकाबू होती जा रही थी। आखिरकार चार घंटे बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया। इस दौरान फैक्टरी में सब कुछ जल गया। दिन निकलते ही लोगों की भीड़ वहां लगती रही। सुबह के समय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।
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फैक्टरी मालिक पर लापरवाही का आरोप, शिकायत की
डिडौली। ओम संस इंडस्ट्रीज में लगी आग में जलकर जान गंवाने वाले मजदूर अजीत के पिता रामगोपाल ने फैक्टरी मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है की फैक्टरी मालिक की लापरवाही के कारण ही उनके बेटे अजीत की मौत हुई है। फैक्टरी में आग से बचाव के लिए कोई उपकरण नहीं लगा रखे थे। जिस कारण आग नहीं बुझ सकी। उनका आरोप है कि अजीत फैक्टरी में काम करते हुए आग के बीच फंस गया था।आग में घिरा अजीत जोर-जोर से बचने के लिए आवाज लग रहा था, लेकिन कोई बचाने के लिए नहीं पहुंचा। अगर फैक्टरी में आग से बचाव के उपकरण होते तो शायद तुरंत आग पर काबू पाया जा सकता था। ऐसी स्थिति में फैक्टरी मालिक की घोर लापरवाही के कारण अजीत की मौत हुई है। मृतक मजदूर के पिता ने एसपी को शिकायती पत्र देकर फैक्टरी मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री, डीआईजी, डीजीपी समेत आला अधिकारियों को पत्र भेजा है।
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