Various cultures of India will be seen in Tigri Ganga fair
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तिगरी गंगा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाने का ही पुण्य प्राप्त नहीं होगा, बल्कि उनको अपनी संस्कृति और सभ्यता के भी दर्शन कराए जाएंगे। भव्य गंगा आरती व रामायण के प्रसंग सुनने का पुण्य लाभ मिलेगा। गंगा अवतरण का लेजर के माध्यम से मन मोहक प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही उनको शिव-पार्वती संवाद और शबरी-राम का संवाद सुनाकर वातावरण को धर्ममय बनाया जाएगा। खेती किसानी की भी जानकारी दी जाएगी।
मेले में सभी सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम ईओ ब्रजेश कुमार की देखरेख में किए जाएंगे। ईओ ने बताया कि चार नवंबर को दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक दिव्य गंगा पूजा, पांच बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक गंगा महाआरती की जाएगी। इसके बाद साढ़े पांच बजे से शाम साढ़े सात बजे तक गंगा अवतरण, रामायण, महाकाल और कूल फायर का लेजर शो पर भव्य प्रदर्शन किया जाएगा आधे घंटे का लाफ्टर शो दिखाया जाएगा। आठ बजे से साढ़े नौ बजे तक गीतांजलि ग्रुप के कलाकार धरती पर गंगा अवतरण का सजीव मंचन करेंगे। सांस्कृतिक गीतों के साथ नाटक प्रस्तुत करेंगे। पांच नवंबर को दोपहर तीन बजे से शाम चार बजे तक उपनिदेशक कृषि द्वारा गोष्ठी के माध्यम से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को खेती किसानी की जानकारी देंगे। शाम चार बजे से पांच बजे तक एडीएम भगवान शरण रामायण के विभिन्न प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करेंगे। उनके द्वारा गंगा की सामूहिक आरती की जाएगी।
छह नवंबर को दोपहर तीन बजे से चार बजे तक मेले में मतदाता जागरूकता सम्मेलन और चार से पांच बजे तक विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक परामर्श पर गोष्ठी व पांच बजे से साढ़े पांच बजे तक गंगा महाआरती की जाएगी। साढ़े पांच बजे से साढ़े नौ बजे तक बृज लोक संध्या एवं फूलों की होली की प्रस्तुति, मथुरा वृंदावन के विनय गोस्वामी द्वारा सांस्कृतिक संध्या में बांसुरी वादन किया जाएगा। सात नवंबर को शाम पांच बजे से साढ़े पांच बजे तक गंगा महाआरती, साढ़े पांच बजे से साढ़े छह बजे तक मैजिक शो का प्रदर्शन किया जाएगा। विभिन्न प्रदेशों के कला एवं संस्कृति आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति मधुवन आर्ट ग्रुप द्वारा की जाएगी।
हरियाणवी रागनी का आनंद लेंगे श्रद्धालु
गंगा मेले में हरियाणवी कलाकार रागनी की शैली में शिव-पार्वती संवाद, शबरी-राम संवाद सुन मेले में आने का पुण्य कमाएंगे। इस दौरान उनको राम-हनुमान मिलन, हनुमान की सिंदूर लीला, सीने को चीर कर भगवान राम, लक्ष्मण और सीता के दर्शन कराने की भव्य और मनोहारी लीला के दर्शन प्राप्त होंगे।