अमरोहा। वाल्मीकि शोभायात्रा के रूट को लेकर नई परंपरा डाले जाने की खबर मिलते ही पुलिस ने शोभायात्रा को रोक दिया। जिससे समाज के लोगों के आक्रोश फैल गया। जमकर हंगामा किया। शोभायात्रा पर हुए खर्चा अदा करने की मांग करने लगे। धर्म परिवर्तन करने की धमकी दे डाली। पुलिस ने कड़ी मशक्कत से आयोजकों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सोमवार को डिडौली क्षेत्र के कस्बा जोया के मोहल्ला चौधरियान से महर्षि वाल्मीकि नवयुवक सेवा समिति के तत्वाधान में वाल्मीकि शोभायात्रा निकला प्रस्तावित था। आयोजकों ने शोभायात्रा की तैयारियां पूरी कर रखी थी। बाहर से बैंड बाजा और कलाकार बुलाए गए थे। अभी शोभायात्रा शुरू ही हुई थी तभी भारी पुलिस फोर्स पहुंच गई। आयोजकों से नई परंपरा नहीं डालने की हिदायत दी। जिससे समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। आयोजक जिला प्रशासन से शोभायात्रा में होने वाले खर्च की भरपाई करने की मांग करने लगे। साथ ही धर्म परिवर्तन करने की धमकी देने लगे। हंगामे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। इंस्पेक्टर शरद मलिक भी मौके पर पहुंच गए। नया रूट न अपनाकर परंपरागत तरीके से शोभायात्रा निकाले को कहा। इसके बाद गत वर्षों की भांति मोहल्ला में शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान समिति अध्यक्ष अंकित दयाल, संजीव, महेंद्र, शिवा, अमरजीत, धर्मपाल सिंह, सतीश कुमार, रानी, सुमन, प्रेमवती आदि मौजूद रहे। इंस्पेक्टर शरद मलिक ने बताया कि वाल्मीकि समाज के पिछले कई सालों से बिना अनुमति के मोहल्ले में ही शोभायात्रा निकालते थे, लेकिन इस बार उन्होंने शोभायात्रा को बड़ा रूप दे दिया। इसके अलावा उन्होंने नया रूट भी अपना लिया था। जो शांति व्यवस्था के लिहाज से ठीक नहीं था। लिहाजा आयोजकों केे समझा कर परंपरागत तरीके से शोभायात्रा निकलवाई गई है। किसी को भी नई परंपरा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं सूत्रों की माने प्रशासन ने ही शोभायात्रा निकालने की अनुमति दी थी, लेकिन जब नई परंपरा का पता लगा तो अनुमति को रद्द कर दिया गया था।