धनौरी मीर गांव में हर घर में बुखार के मरीज
कुछ मरीज मेरठ, अमरोहा और मुरादाबाद के निजी अस्पताल में करा रहे इलाज तो कुछ स्वास्थ्य टीम के आने का कर रहे इंतजार
अमरोहा/नौगांवा सादात। बारिश के बाद शहर से लेकर देहात तक डेंगू और मलेरिया का खतरा मंडराने लगा है। धनौरी मीर गांव की स्थिति तो चिंताजनक है। यहां हर घर में 27 से अधिक बुखार के मरीज हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अनजान बने हैं। हालत यह है कि कुछ लोग मरीजों को मेरठ तो कुछ ने मुरादाबाद और अमरोहा के अस्पतालों में भर्ती कराया है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम न पहुंचने के कारण लोगों में नाराजगी है।
जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों का लार्वा पनप रहा है। अस्पतालों में बुखार से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ी है। निजी अस्पतालों में जहां जांच के दौरान डेंगू पाया जा रहा है, वहीं सरकारी आंकड़ों में सिर्फ मलेरिया बता कर इलाज किया जा रहा है, जो लोगों पर भारी पड़ सकता है। नौगांवा सादात तहसील क्षेत्र के धनौरी मीर में बुखार कहर बरपा रहा है। यहां हर घर में बुखार के मरीज हैं। गांव में मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है। आलम यह है कि बच्चे, बुजुर्ग और युवाओं सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। डेंगू और मलेरिया फैलने का खतरा बना हुआ। कई बार शिकायत करने के बाद भी सरकारी अस्पतालों से डॉक्टरों की टीम गांव नहीं पहुंची। स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज नहीं मिल सका। लोगों की प्लेटलेट्स गिर रहे हैं। ऐसे में लोग मेरठ और मुरादाबाद की दौड़ लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश पनप रहा है। आरोप है कि गांव में न तो फागिंग कराई गई है और नहीं एंटी लारवा छिड़काव कराए गए हैं। प्राइवेट अस्पतालों में प्लेटलेट गिरने पर डॉक्टर डेंगू होना बता रहे हैं। करीब छह से अधिक लोग मेरठ में भर्ती हैं, जबकि सात से अधिक लोग मुरादाबाद और अमरोहा में भर्ती हैं। इसके अलावा भी पूरा गांव बुखार से तप रहा है। कई ग्रामीण गांव में स्थानीय झोलाछाप से ड्रिप लगवाने को मजबूर हैं। लेकिन जिम्मेदार गांव में आकर मरीजों की हालत देखने को तैयार नहीं हैं।
ये हैं बीमार
सुनील कुमार, राजीव, गुड्डू, नेहा कुमारी मेरठ में भर्ती है। फैयाज उद्दीन, चंद्र, शेखर, भूपेंद्र मुरादाबाद और छोटू, उषा, रामपाल सिंह अमरोहा में भर्ती हैं। जबकि गांव में राजेश, कमलेश, कश्मीरी देवी, अजय पाल, मोनिका, शेर सिंह, रामकिशोर, बृजपाल, अर्जुन, अमरपाल, नीतू, विष्णु, कुसुम, एकता, हरप्रिया आदि लोग बीमार हैं। इसके अलावा भी घर में बुखार से कई पीड़ित हैं।
बोले सीएमओ: गांव में लगवाया गया कैंप
गांव में टीम कैंप लगवाया गया है। पर्याप्त स्टाप के आधार पर ही काम हो पा रहा है।- डॉ. राजीव सिंघल, सीएमओ
ग्रामीण बोले: झूठ बोल रहे सीएमओ
धनौरी मीर में बुखार के कारण ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के प्रति रोष है। धर्मपाल सिंह और रघुवीर सिंह ने बताया कि गांव में हालात बिगड़ रहे हैं। सोमवार को स्वास्थ्य कर्मचारी आए थे, जो गांव में घूम कर चले गए। उन्होंने न कैंप लगाया और न मरीजों का उपचार किया। किसी को दवा भी नहीं दी गई। सीएमओ झूठ बोल रहे हैं कि उनके द्वारा कैंप लगवाकर दवाई बांटी गई है। अगर गांव में डॉक्टर आते तो तमाम लोग मेरठ या मुरादाबाद क्यों जाते।
गांव की नालियों में पसर रही गंदगी, तालाब का भी बुरा हाल
धनौरी मीर गांव की नालियों में गंदगी पसरी हुई है। इतना ही नहीं गांव से सटे तालाब की स्थिति बेहद खराब है। तालाब में गंदगी के ढेर लगे हैं। मच्छरों का बसेरा बना हुआ है।