बिजनौर रोड स्थित दरगाह शाह विलायत में चार दिवसीय वार्षिक उर्स की रविवार से शुरुआत हो गई। अकीदतमंदों ने मजार-ए-मुबारक पर चादरपोशी कर मन्नतें मांगीं। महिलाओं ने दरगाह परिसर में लगे मेले में सजी दुकानों पर जमकर खरीदारी की, तो वहीं बच्चों ने खेल-तमाशों और झूलों का लुत्फ उठाया। चाट-पकौड़ी की दुकानों पर भी देर रात भीड़ लगी रही।
उर्स में अस्र की नमाज के बाद शाम में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन-चैन और कौम की सलामती की दुआ की। अखिल भारतीय जनता मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने दरगाह पहुंचकर चादरपोशी की। राष्ट्रीय अध्यक्ष मरगूब सिद्दीकी ने कहा कि सूफी-संतों ने समाज को हमेशा अमन का पैगाम दिया है। हम सभी लोगों को इस पर अमल करना चाहिए। इस दौरान हाजी वाजिद अली, सुमित रस्तोगी, फैसल सैफी, फारूक मंसूरी, भारत चांदना आदि मौजूद रहे।
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ढक्का के सालाना उर्स में चला कव्वालियों का दौर
सैदनगली। गांव ढक्का में शेख बाबा फरीद बंदगी रहमतुल्ला अलेह का 529वां सालाना उर्स शुरू हो गया है। उर्स में शनिवार रात को कव्वालियों का दौर चला। जायरीन ने मजार पर चादरपोशी की।
मुख्य अतिथि विशाल चौधरी ने फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि सोमवार को उर्स में ऑल इंडिया मुशायरा व कुश्ती का आयोजन होगा। इसके बाद देर रात तक कव्वालियों का दौर चला। कव्वालों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए। उर्स में झूला सर्कस, मौत का कुआं, खेल खिलौने तथा हलुवा पराठा, चाट पकौड़ी के स्टाल सजकर तैयार हो गए हैं। उर्स में शेख बाबा फरीद बंदगी रहमतुल्ला अलेह की दरगाह चादरपोशी का सिलसिला भी चल रहा है। क्षेत्र के अलावा दूर दूर से भी उर्स के मौके पर अकीदतमंद पहुंचकर चादरपोशी कर मन्नतें मांगने के बाद फातिहा पढ़े व दुआ की गईं। इस मौके पर सचिव मुशाहिद शाह, अफ्फान चौधरी, मोहम्मद फाजिल, मोहम्मद दानिश, सदर चौधरी, आमिर बाबा, इकरार अहमद मौजूद रहे।