पिता बोले, बेटे का रिजल्ट आने वाला था
पहली बेटी के बाद सार्थक का जन्म हुआ था। बेटे के जन्म पर पूरे परिवार ने जमकर खुशियां मनाई थीं। लेकिन हमें क्या पता था कि भगवान उसको इतनी जल्दी हमसे छीन लेगा। यह दर्द सार्थक के पिता विनीत उपाध्याय का है। विनीत ने सुबकते हुए बताया कि सार्थक का पिछले साल ही सरस्वती शिशु मंदिर में नर्सरी में एडमिशन कराया था।
अब उसका रिजल्ट आने वाला था। विनीत उपाध्याय ने बताया कि जब वे गोदाम में पहुंचे तो उसके शरीर पर गेहूं के तीन बोरे पड़े हुए थे। वह कहते है कि मेरे फूल जैसे बेटे ने डेढ़ क्विंटल वजन अपने शरीर पर कैसे झेला होगा। मासूम की चीख भी गेहूं के बोरे व गोदाम के भीतर ही दबकर रह गई।
बच्चों को लेकर बरती जाने वाली सावधानियां
- छोटे बच्चों को पानी से भरी बाल्टी या टब से दूर रखें।
- बिजली के प्लग व तार आदि से दूर रखें।
- बगैर रेलिंग पर छत पर ले जाते समय बच्चे पर नजर रखें।
- कीटनाशक व अन्य हानिकारक दवा व कैमिकल बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
- घर में ऐसे किसी स्थान पर जाने न दें जहां कोई भारी वस्तु रखी हो।