अमरोहा(सलाम खां)। शैक्षिक सत्र 2020-21 के लिए जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के यूनिफार्म की सिलाई का काम स्वयं सहायता समूह और प्रवासी टेलरों को दिया जाना था। ताकि लॉकडाउन में दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासियों को रोजगार मिल सके, लेकिन यहां भी शिक्षा विभाग के कारिंदों ने खेल कर दिया। 33 टेलरों को 443 स्कूल आवंटित तो कर दिए गए पर सूची में प्रवासी टेलर के नाम पर अधिकांश स्कूल कारोबारियों को आवंटित किए गए हैं। सूची में सिर्फ एक महिला और कुछ प्रवासी टेलर शामिल हैं। बाकी पहले से काम करने वाले ही हैं।
परिषदीय स्कूलों और सहायता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार की ओर से दो जोड़ी यूनिफार्म दिए जाने हैं। इसका लाभ जिले के 1,34,217 बच्चों को मिलना है। कपड़ा क्रय करने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से गठित क्रय समिति की है। जबकि यूनिफार्म की सिलाई स्वयं सहायता समूह और प्रवासी टेलरों से कराया जाना है। ताकि लॉकडाउन में दूसरे राज्यों से आए टेलरों को रोजगार मुहैया कराया जा सके। यूनिफार्म सिलाई के लिए स्वयं सहायता समूह और प्रवासी टेलरों को स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। 443 स्कूलों की सूची जारी की गई है। इन स्कूलों के बच्चों के यूनिफार्म सिलाई की जिम्मेदारी 33 लोगों को दी गई है। इसमें सिर्फ एक महिला का नाम शामिल है। इसके अलावा कुछ प्रवासी टेलर हैं। जबकि अधिकांश गैर प्रवासी टेलर और कारोबारी शामिल हैं। कुछ की पहले से गांव में सिलाई की दुकान है तो कुछ पहले से ये काम करते आ रहे हैं।
प्रवासी टेलर बोल रहा हूं
अमरोहा। धनौरा क्षेत्र के स्कूलों को दो लोगों को आवंटित किया गया है। दोनों से अमर उजाला ने मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की। एक के मोबाइल नंबर पर इनकमिंग की सुविधा नहीं थी। जबकि दूसरे ने कॉल करने पर कहा..मैं प्रवासी टेलर बोल रहा हूं। जैसे पहले से इन्हें पता हो कि कोई उसने जानकारी ले सकता है।
सेल्समैन, मेडिकल स्टोर संचालक तक के नाम शामिल
अमरोहा। बेसिक शिक्षा विभाग की जारी सूची में शामिल स्वयं सहायता समूह और प्रवासी टेलरों में एजेंसी के सेल्समैन और मेडिकल स्टोर संचालक तक के नाम शामिल हैं। इसके अलावा सूची में पिता-पुत्र भी शामिल हैं।
एक नंबर ट्रू कॉलर पर ड्रेस के नाम से सेव
अमरोहा। हसनपुर तहसील क्षेत्र कुछ स्कूलों को पिता-पुत्र के नाम आवंटित कर दिया गया है। दोनों को प्रवासी टेलर बताया गया है। जबकि पिता का नाम ट्रू कॉलर पर नाम के साथ ड्रेस साथ आ रहा है। इससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह प्रवासी टेलर हैं या कारोबारी।
गांव में पहले से चला रहे सिलाई की दुकान
अमरोहा। प्रवासी टेलरों में कुछ नाम ऐसे भी हैं, जो पहले से गांव में सिलाई का काम कर रहे हैं, उनकी पहले से गांव में दुकान है। इन्हें भी प्रवासी टेलर बताया जा रहा है। जबकि ये लोग रोजगार के लिए बाहर नहीं गए।
स्वयं सहायता समूह को यूनिफॉर्म सीलने के लिए कहा गया है। लगभग 65 हजार ड्रेस तैयार करेंगी। प्रवासी मजदूर भी लगभग 30 हजार ड्रेस सीलेंगे। उसके बाद बाकी बच्चों के ड्रेस को सीलने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की गई है। प्रवासी टेलर के चयन के लिए आवेदन मांगे गए थे जिन्होंने आवेदन किया उनका चयन किया गया है। - गौतम प्रसाद, बीएसए