रजबपुर (अमरोहा)। गांव मौसमपुर में विवादित कब्रिस्तान में शव दफनाने को लेकर दो समाज के लोग आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंची कई थानों की पुलिस ने बिगड़ते हालात संभाले। चार-पांच घंटे की मशक्कत के बाद प्रशासनिक हस्तक्षेप से दोनों पक्षों में समझौता होने पर शव दफन कराया।
मामला रजबपुर थानाक्षेत्र के मौसमपुर गांव का है। ये गांव पिपली कलां का मजरा है। बीते कई सालों से कब्रिस्तान की जमीन पर विवाद चल रहा है। यहां दोनों वर्ग के किसी भी मृतक व्यक्ति का दफीना नहीं किया जा रहा था। इसका मुख्य कारण ये था कि जो एक पक्ष के लोग गांव छोड़कर चले गए। रविवार को मौसमपुर गांव के रहने वाले 80 वर्षीय रामस्वरूप की बीमारी के चलते मौत हो गई। लिहाजा शाम को परिवार के सदस्य विवाद वाले स्थान पर दफन की तैयारी करने लगे। जब इसकी जानकारी पिपली कलां के रहने वाले दूसरे पक्ष के लोगों को हुई तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों वर्ग के लोग आमने-सामने आ गए। दो वर्गों के बीच तनाव होने की जानकारी मिली तो पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए।
सूचना मिलते ही सीओ सिटी विजय कुमार राणा मौके पर पहुंच गए। डिडौली, अमरोहा और रजबपुर थाना पुलिस को मौके पर बुला लिया गया।
बाद में अफसरों ने दोनों को समझाया। लेकिन दोनों वर्ग के लोग जिद पर अड़े रहे। अधिकारियों के हस्तक्षेप पर पांच घंटे बाद दोनाें वर्ग के लोगों में आधे-आधे कब्रिस्तान को लेकर समझौता हो गया। इसके बाद शव दफन कराया गया। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि दोनों पक्षों की आपसी सहमति के बाद कब्रिस्तान में एक तरफ शव को दफना दिया गया है। दोनों पक्ष आधे-आधे कब्रिस्तान के फैसले पर सहमत हो गए। फिलहाल गांव में तनाव की कोई भी बात नहीं है।