अमरोहा। सैदनगली थाना क्षेत्र में अवैध शस्त्र निर्माण की फैक्टरी संचालित करने के मामले में अदालत ने दो हिस्ट्रीशीटरों को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसला सुनाए जाने के समय दोनों आरोपी जमानत पर बाहर थे। न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
अभियोजन के अनुसार, 17 मार्च 2021 को पंचायत चुनाव के मद्देनजर तत्कालीन दरोगा प्रवीण कुमार पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ढक्का गांव के जंगल स्थित एक खंडहर में चल रही अवैध तमंचा फैक्टरी पर छापा मारा। मौके से ढक्का निवासी नबिया कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी उझारी के मोहल्ला कुरैशियान निवासी निषाद उर्फ चीपा फरार हो गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने मौके से छह तैयार तमंचे, 17 अधबने तमंचे, 20 कारतूस तथा हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए थे। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने गिरफ्तारी से करीब एक माह पहले अवैध हथियार बनाना शुरू किया था और पंचायत चुनाव के दौरान उनकी आपूर्ति की तैयारी कर रहे थे। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रभावी पैरवी की। सुनवाई पूरी होने के बाद शुक्रवार को अदालत ने नबिया कुरैशी और निषाद उर्फ चीपा को दोषी ठहराते हुए दस-दस वर्ष के कारावास तथा 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों आरोपी पहले से हिस्ट्रीशीटर हैं।
हिस्ट्रीशीटर नबिया और निशाद उर्फ चीपा पर दर्ज हैं 30 से अधिक प्राथमिकी
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अवैध शस्त्र फैक्टरी मामले में दस वर्ष की सजा पाने वाले हिस्ट्रीशीटर नबिया और निशाद उर्फ चीपा का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। नबिया के खिलाफ जिले विभिन्न थानों में गोकशी, अवैध शस्त्र, चोरी और हत्या के प्रयास सहित एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वहीं निशाद उर्फ चीपा पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 20 से अधिक आपराधिक प्राथमिकी दर्ज हैं। दोनों थाना सैदनगली के हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं।