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Amroha News: ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार दो दोस्तों की मौत

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अमरोहा। बंबूगढ़-कैलसा बाइपास मार्ग पर बृहस्पतिवार रात ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत में दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि उनका एक अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल कर क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लिया। शुक्रवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया है।
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पुलिस के अनुसार हादसा बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे हुआ। अमरोहा नगर के मोहल्ला जयओम नगर निवासी प्रिंस उर्फ मयंक (17), दीपांशु (18) और अपने दानिशमंदान निवासी साथी के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर बंबूगढ़-कैलसा बाईपास की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रैक्टर से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि प्रिंस उर्फ मयंक और दीपांशु ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और लोगों की मदद से तीनों युवकों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्रिंस और दीपांशु को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीसरे युवक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार घायल युवक के कूल्हे सहित शरीर के कई हिस्सों में फ्रैक्चर हुआ है।
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सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हेलमेट पहने होते तो बच सकती थी जान

सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि हादसे के समय तीनों युवक बिना हेलमेट के बाइक चला रहे थे। उनका कहना है कि यदि हेलमेट पहना होता तो गंभीर सिर की चोट से बचाव संभव था और जान बचने की संभावना भी अधिक रहती। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की अपील की है।

पांच बहनों का इकलौता भाई था प्रिंस उर्फ मयंक
सड़क हादसे में जान गंवाने वाला प्रिंस उर्फ मयंक परिवार का इकलौता बेटा था। परिजनों के अनुसार उसकी पांच बहनें हैं और वह सभी भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता स्व. हरचरण सिंह पेशे से अधिवक्ता थे, जिनका वर्षों पहले निधन हो चुका है। उसकी मां गंगोत्री देवी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका हैं और वर्तमान में डिडौली क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात हैं। प्रिंस कक्षा 10 का छात्र था। इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था दीपांशु
सड़क हादसे में जान गंवाने वाला दीपांशु अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। परिवार में उसके बाद तीन छोटे भाई-बहन हैं। उसके पिता अमित कुमार मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि मां राखी गृहिणी हैं। दीपांशु कक्षा 11 का छात्र था और पढ़ाई के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी समझने लगा था। उसके असमय निधन से परिवार गहरे सदमे में है। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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एक ही मोहल्ले के दो दोस्तों की मौत से पसरा मातम
दीपांशु और प्रिंस उर्फ मयंक मोहल्ला जय ओम नगर मोहल्ले के निवासी थे। दोनों के घर अलग-अलग गलियों में हैं, लेकिन बचपन से ही उनकी गहरी दोस्ती थी। एक ही मोहल्ले के दो युवकों की एक साथ मौत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को दोनों के घरों पर रिश्तेदारों व परिचितों का तांता लगा रहा। परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मोहल्ले में हर तरफ हादसे की ही चर्चा रही और दोनों दोस्तों की असमय मौत से हर कोई स्तब्ध नजर आया।
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