रुपये दोगुने करने का लालच देकर नोट के आकार के कागज के टुकड़ों को असली नोट बताकर ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से भारी मात्रा में नकली नोट के आकार के कागज के बंडल, केमिकल और कूटरचित नोट बरामद किए। सीओ मंडी धनौरा ने दोनों की गिरफ्तारी की जानकारी दी।
शुक्रवार दोपहर गजरौला थाने में सीओ मंडी धनौरा अरुण कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि मुरादाबाद निवासी रवि चौधरी की तहरीर पर पुलिस ने नरेंद्र चौहान निवासी लक्ष्मी नगर व कामेश कश्यप निवासी हिमगिरि कालोनी मुरादाबाद को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से पीले रंग का एक बैग, तीन डिब्बे पारदर्शी, 11 बंडल नोट की आकार की गड्डी, नौ शीशी सफेद रंग का केमिकल, नौ प्लास्टिक की डिब्बी बरामद कीं। इनमें अलग-अलग केमिकल था। एक पांच सौ रुपये का अर्ध निर्मित कूट रचित नोट मय मोहर, नोट के आकार के सात बंडल कोरे कागज के बरामद किए। सीओ ने बताया कि पूछताछ में उन्होंने कुबूल किया कि पीले रंग के बंडलों के अंदर नोटों के आकार के सफेद कागज के टुकड़े काट कर रखे हैं। शीशी के केमिकल की सहायता से असली नोट के समान दिखाई देने वाला नोट तैयार करते हैं। लोगों को दिखाकर नोट दोगुना करने का लालच देकर रुपये हड़प लेने व धोखाधड़ी करने की बात कबूल की। पीले व काले रंग के नोटों समान पैक बंडल में कोरे कागज रखकर थमा देते हैं। तीन महीने में न खोलने की बात कहते हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना प्रभारी राजेश कुमार तिवारी, चौपला चौकी इंचार्ज नीतेंद्र वशिष्ठ, मुख्य आरक्षी लोकेश कुमार, सिपाही पवन कुमार शामिल थे। सीओ ने बताया कि दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से चालान करदिया गया है। नरेंद्र चौहान शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ गजरौला और पाकबड़ा थाने में मारपीट के मामले दर्ज हैं। मुरादाबाद के एक डेयरी संचालक को ठगी का शिकार बनाने की जानकारी मिली है।
मुरादाबाद निवासी को दिए थे दस लाख रुपये के कागज के नोट
गजरौला। सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मुरादाबाद के मझौला थाना क्षेत्र के मानसरोवर कालोनी निवासी रवि चौधरी द्वारा दर्ज कराई एफआईआर के मुताबिक उसकी मुलाकात तीन महीने पूर्व गजरौला के लक्ष्मी नगर मोहल्ला निवासी नरेंद्र चौहान से हुई। मुलाकात मुरादाबाद की हिमगिरि कालोनी में कामेश कश्यप के आवास पर हुई। कामेश कश्यप ने कहा था कि वह नरेंद्र चौहान को जानता है। कामेश कश्यप व नरेंद्र चौहान ने गजरौला में 14 बीघे जमीन प्लाटिंग के हिसाब से दिखाई। इसकी कीमत 30 लाख रुपये प्रति बीघे बताई। जमीन पसंद आने पर उन्होंने सौदा तय कर लिया। कामेश कश्यप के कहने पर नरेंद्र चौहान को उसी के लक्ष्मी नगर चौपला स्थित आवास पर बयाने के तौर पर 33 लाख रुपये दिए। इसके बाद रवि चौधरीअपने वकील को लेकर जमीन की नापतौल करने गए। पता चला कि जमीन किसी और कीहै। इसके बाद रवि चौधरी ने दोनों से अपने बयाने की रकम वापस मांगी। उन्होंने कुछ दिनों बाद देने का वादा किया। एक महीने बाद दस लाख रुपये दे दिए। बाकी बचे 23 लाख रुपये एक महीने बाद देने की बात कही। रवि चौधरी को दस लाख रुपये बताकर जो नोट दिए थे, उनकी गड्डी घर खोलने पर सफेद रंग के कागज के टुकड़े निकले। जिनको लेकर रवि चौधरी थाने पहुंचे और पुलिस को दिखाए। पुलिसने मामले की छानबीन की। इसके बाद पुलिस ने उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ 420, 406, 468, 504 और 506 के तहत अभियोग पंजीकृत कर गिरफ्तार कर लिया। उनसे कड़ाई से पूछताछ में उनके कारनामों का खुलासा हुआ।
अपनी बताई कनाडा निवासी की जमीन
गजरौला। पुलिस की पूछताछ व छानबीन में पता चला कि नरेंद्र चौहान व कामेश कश्यप शातिर दिमाग हैं। इस शातिर दिमाग का इस्तेमाल मुरादाबाद निवासी रवि चौधरी पर किया। लक्ष्मी नगर मोहल्ले में जिस 14 बीघे जमीन को उसने अपनी बताते हुए रवि चौधरी को बेची, वह कनाडा में रह रहे एक सिख परिवार की है। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब मोहल्ले के लोगों ने रवि चौधरी को बताया कि जमीन नरेंद्र चौहान की नहीं है, बल्कि सिख परिवार की है। नरेंद्र चौहान को यह जमीन खेती करने के लिए दे रखी है।