जोया के तुर्की इंटर कालेज पलौला में आयोजित तुर्क समाज के युवाओं की बैठक में मौजूद युवा।
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जोया में रविवार को युवा तुर्क इत्तेहाद समिति की पहली बैठक हुई। इस दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की ओर से बिरादरी के युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस जानबूझ कर बिरादरी के युवा नेताओं को निशाना बना रही है। पूरी कौम एक साथ है और किसी भी लड़ाई को तैयार है। वक्ताओं ने कहा कि युवा महासम्मेलन के पुन: आयोजन के लिए गांवों में बैठकें की जा रही है। साथ ही यह भी कहा कि शौकत पाशा के कातिलों की गिरफ्तारी तक तुर्क चैन से नहीं बैठेंगे।
जोया में हुई बैठक में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विवि के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शोएब पाशा समेत काफी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। सभी ने एक सुर में आंदोलन में तेजी लाने और मौलाना तैय्यब अली और जीशान पाशा का साथ देने की हिमायत की। शोएब पाशा ने कहा कि सत्ता के दबाव में पुलिस प्रशासन दमनकारी क़दम उठा रहा है। जरूरत पड़ने पर इसका विरोध भी किया जाएगा।
वहीं एआईएमआईएम के तहा शमीम अहमद तुर्क ने भेजे अपने संदेश में कहा कि प्रशासन ने बिरादरी के युवाओं को निशाना बनाने की कोशिश की तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौलाना तैयब अली ने कहा कि पुलिस और प्रशासन का रवैया न सिफ़ॱर पक्षपातपूर्ण है, बल्कि सत्ताधारी नेताओं के साथ मिलकर तुर्क आंदोलन को दबाने की साजिश है।
समिति की बैठक में शौक़त पाशा के क़ातिलों गिरफ़्तारी न होने तक चैन से न बैठने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर मौलाना तैयब अली, शोएब अहमद, माजिद, अजीम, जावेद आलम, फैजान, जिशान, बिलाल, उवैस आदि रहे।