वाशिंग प्लांटों के जरिए धरती की कोख में भेजे जा रहे प्रदूषित पानी को लेकर सरकार बेहद गंभीर हो गई है। उसने वाशिंग प्लांटों को बंद कर ब्लीचिंग ट्रीटमेंट प्लांट कारोबारियों से लगाने के लिए कहा है।
साथ ही उसमें आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिलाया है। इसमें 75 प्रतिशत सब्सिडी केंद्र व राज्य सरकार देगी, जबकि 25 फीसदी कारोबारियों को धनराशि लगानी पड़ेगी। इस पूरी स्थिति से आज नगर पालिका अधिकारियों ने वाशिंग प्लांट स्वामियों को रूबरू कराया।
शहरी क्षेत्र में कतरनों को धोने के लिए बनाए गए वाशिंग प्लांटों का पानी जमीन के अंदर पाइपों द्वारा कारोबारी भेज रहे हैं, जिससे तेजी के संग नगर का पानी खराब हो रहा है। लोग तरह-तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मसले को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गंभीर है। केंद्र व राज्य सरकार भी संजीदा हैं। प्रदूषित पानी को साफ करने के लिए सरकार ने वाशिंग प्लांट मालिकों को ब्लीचिंग ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को कर अधीक्षक एम.सुहेल खां ने नगर पालिका कार्यालय में वाशिंग प्लांट मालिकों की बैठक ली, जिसमें बताया कि ब्लीचिंग ट्रीटमेंट प्लांट वह पानी को साफ करने के लिए लगाएं। इसकी स्थापना के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी।
इसके अलावा 25 प्रतिशत सब्सिडी राज्य सरकार देगी। केवल 25 प्रतिशत धनराशि ही उनको खर्च करनी पड़ेगी। समूह बनाकर प्लांट स्थापित किया जा सकता है। जगह- जगह बनाए वाशिंग प्लांटों से निजात मिल सकती है। इस अवसर पर असद जमाल आदि अधिकारियों के अलावा सभी वाशिंग प्लांट के मालिक मौजूद थे।