तिगरी गंगा मेले उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर कोई यातायात अव्यवस्था न हो इसके लिए हाईवे पर पांच दिन तक भारी वाहनों का रूट डायवर्ट करने का फैसला लिया गया है। शुक्रवार शाम से डायवर्जन लागू हो जाएगा। भारी और बड़े वाहन बदले हुए रूट से गुजारे जाएंगे। हाईवे पर जगह-जगह तैनात किए गए पुलिसकर्मी डायवर्जन का पालन कराएंगे। अभी छोटे वाहनों पर डायवर्जन लागू नहीं होगा।
कार्तिक पूर्णिमा में तिगरी में गंगा के किनारे लगने वाले उत्तर भारत के प्रसिद्ध में मेले 15 लाख के आसपास श्रद्धालु आते हैं। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है। इतनी भीड़ में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखना पुलिस के लिए काफी मुश्किलों भरा रहता है। मेले में काफी संख्या में किसान और श्रद्धालु अपने वाहनों और भैंसा बुग्गी आदि से पहुंचते हैं।
इससे हाईवे पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। कमोबेश यही स्थिति गंगा के दूसरे किनारे हापुड़ जिले में लगने वाले मेले में भी होती है। हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। मेले में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। इससे गजरौला में जाम स्थिति दो दिन पहले से बननी शुरू हो गई है।
जाम के दौरान कोई बवाल न हो इसलिए पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर भारी वाहनों का रूट डायवर्ट करने का फैसला लिया है। 11 नवंबर की शाम से 16 नवंबर की शाम तक हाईवे पर भारी और बड़े वाहनों को डायवर्ट रूटों से निकाला जाएगा। मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को गजरौला की बजाय कांठ, धमपुर होते हुए निकाला जाएगा।