हाईवे पर भानपुर खालसा के सामने ओवरब्रिज से उतरते समय ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। चालक व ट्रॉली पर बैठे तीन मजदूर ईंटों के नीचे दब गए। चीख पुकार सुन पास ही स्थित निजी अस्पताल का स्टाफ दौड़कर पहुंचे और मजदूरों को ईंटों के नीचे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया।
संभल के असमोली क्षेत्र के रचैटा गांव निवासी मोहम्मद हसन ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से ईंट ढोने का काम करते हैं। शनिवार रात वह ट्रैक्टर-ट्रॉली में ईंट भरकर हसनपुर क्षेत्र के सिहाली जागीर जा रहे थे। उनके गांव के ही जुनैद, शिवम व उसका भाई रोहित ईंट लदी ट्रॉली पर बैठे थे।
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ट्रैक्टर-ट्रॉली भानपुर खालसा के सामने ओवरब्रिज से नीचे उतर रही थी। इस बीच चालक ने समझा कि हाईवे से उतरने के लिए कट है। इसी धोखे में चालक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली मोड़ दी, जिससे वह पलट गई।
हादसे में ट्रॉली पर सवार तीनों लोगों व चालक ईंटों के नीचे दब गए। चीख पुकार सुनकर हाईवे किनारे निजी अस्पताल के कर्मचारी दौड़ पड़े। उन्होंने ईंटों में दब लोगों को बाहर निकाला। तुरंत उनको एंबुलेंस से अपने निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल संचालक सुमेर चौधरी ने बताया कि कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचते तो किसी मजदूर की जान जा सकती थी। प्राथमिक उपचार के बाद घायल घर चले गए।