उत्तर भारत के ऐतिहासिक तिगरी मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन अभी तक मूलभूत सुविधाओं की तैयारियां को अंतिम रूप नहीं दे सका है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का अधिकतर समय सिर्फ बैठकों में गुजर रहा है। ये आलम तब है जब कल मेले का श्रीगणेश होगा।
कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी गंगा मेले में बीस लाख से अधिक श्रद्धालु हर साल गंगा में डुबकी लगाते हैं। मेले में श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन एक माह पहले से तैयारियां शुरू कर देता है। इसके बावजूद आलम ये है कि मेले की तैयारियां अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। इतना ही नहीं मेले में दुकानदार भी डेरा डालने लगे हैं। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। प्रशासन सिर्फ ये मान कर तैयारी कर रहा है कि मेला चार नवंबर के बाद शुरू होगा। मालूम रहे कि मेले का श्रीगणेश चार नवंबर की शाम तीन बजे होगा। हवन पूजन में जन प्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के आने की भी पूरी संभावना है। जबकि कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान आठ नवंबर की सुबह होगा। इसलिए तिगरी गंगा धाम में मेले दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार लगी हुई है। परिवार और नाते रिश्तेदारों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, कार, घोड़ा तांगा और बैलगाड़ियों से गंगा धाम आ रहे श्रद्धालुओं से माहौल भक्ति मय हो गया है।
बुधवार को भोर से देर रात तक श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मेले की ओर दौड़ती नजर आई। इस दौरान मां गंगा के जयकारे लगा रहे थे।
डॉग स्क्वॉड टीम ने गंगा घाट पर की चेकिंग
तिगरी मेले में प्रशासन बुधवार को सतर्क रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को जहां हर घाट पर पुलिस चौकी बनाई गई हैं। वहीं डॉग स्क्वॉड की टीम भी डेरा डाले हुए है। बुधवार को टीम दिन भर गंगा घाट पर सर्च करती रही। वहीं मेटल डिटेक्टर से घाट पर रखे श्रद्धालुओं के सामान को भी चेक किया।
गंगा तट पर स्वच्छता अभियान पर निकले स्काउट
तिगरी गंगा धाम। भारत स्काउट गाइड के तत्वावधान में कैडेट ने बुधवार को गंगा तट पर स्वच्छता अभियान चलाया। गंगा तट पर फैली गंदगी को साफ किया। गंदगी साफ कर रेत में गड्ढा करके गंदगी को दबा दिया। इसके अलावा श्रद्धालुओं को भी गंगा तट पर गंदगी न करने के लिए प्रेरित किया।