अमरोहा। कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन जारी है। सभी लोगों को घरों में रहने का फरमान है। ताकि संक्रमण के फैलाव पर रोक लग सके, लेकिन जिले के 3629 परिवार लॉकडाउन तोड़ने केे लिए मजबूर हैं। इनके घरों में शौचालय नहीं है। ऐसे में 3629 परिवारों के तकरीबन 18000 सदस्य लॉकडाउन में भी खुले में शौच करने के लिए घर से निकलने को मजबूर हैं। सबसे अधिक गंगेश्वरी के 904 परिवार हैं जबकि सबसे कम अमरोहा के 443 परिवार शौचालय विहीन हैं। वहीं प्रवासी मजदूरों के गांवों में पहुंचने से इन परिवारों को कोरोना संक्रमण का डर सताने लगा है।
यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज के तहत जिले में अंतिम तौर पर 7877 परिवार की सूची अंतिम तौर पर फाइनल हुई है। पंचायती राज विभाग ने पहले चरण में 4248 परिवारों का चयन कर शौचालय का निर्माण करा दिया गया है। यह गंगा किनारे स्थित ग्राम पंचायतों के परिवार हैं। जबकि 3629 परिवारों को अभी शौचालय का इंतजार है। कोविड 19 के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन जारी है, बावजूद इसके 3629 परिवार के लोग रोजाना खुले में शौच के लिए विवश हैं। स्वास्थ्य विभाग के गाइडलाइन के मुताबिक कोरोना वायरस के संक्रमण लोगों के संपर्क में आने से होता है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि लोग शौच के लिए बाहर निकल रहे हैं। अगर यह लोग किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ गए तो कोरोना से पीड़ित हो सकते हैं। देहात में महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और गुजरात के अहमदाबाद समेत अन्य शहरों से लोग आ गए हैं। इन लोगों की सेहत की निगरानी में स्वास्थ्य विभाग जुटा है।
शौचालय के लिए 6.21 करोड़ रुपये भेजे
अमरोहा। पंचायती राज विभाग ने कुल यूनिवर्सल सेनिटेेशन कवरेज के तहत 62,154,000 रुपये खर्च कर दिए हैं। इसमें 4248 लोगों को 12-12 हजार रुपये की दर से 5,09,76,000 रुपये दिए हैं। जबकि 1863 लोगों को छह छह हजार रुपये की पहली किस्त दी गई है। इन लोगों को 1,11,78,000 रुपये भेजे गए हैं।
ब्लॉक शौचालय विहीन परिवार
गंगेश्वरी 904
जोया 683
धनौरा 615
गजरौला 503
हसनपुर 481
अमरोहा 443
जिले में 4248 परिवार को शौचालय के लिए दूसरे किस्त भेज दी गई है। इसके अलावा 1863 परिवार को पहली किस्त भेजी गई है। शौचालय बनाने के लिए निर्देश दिया गया है। - वाचस्पति झा, डीपीआरओ