जिले के सीमावर्ती गांवों में तेंदुए की दहशत बरकरार है। अब कांठ थानाक्षेत्र के काजीखेड़ा में तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिली है। गांव का एक किसान खेतों पर चारा लेने गया था। वापस आते समय तेंदुआ बंदर को दौड़ाता हुआ उसके पास से गुजरा। डर के मारे किसान वहीं बेहोश हो गया। बाद में पहुंचे ग्रामीणों ने उसे घर पहुंचाया। इससे पहले भी पड़ोस के पैगंबरपुर में तेंदुआ देखा जा चुका है।
जिले की सीमा से सटे कांठ थाना क्षेत्र के गांव कांजीखेड़ा के किसान हरिओम शर्मा पुत्र गोविंदराम शर्मा मंगलवार सुबह खेतों पर चारा लेने के लिए गए थे। चारा लेने के बाद किसान वापस घर की लौट रहा था। गांव से पांच सौ मीटर पहले अचानक खेतों से निकलकर बंदर उनके पास से तेजी से भागा। अभी किसान कुछ समझ भी नहीं पाया था कि पीछे से तेंदुआ धड़धड़ाता हुआ बंदर के पीछे भागता हुआ दिखा। ये देख किसान के हाथ पांव फूल गए और वो वहीं पर बेहोश होकर गिर पड़े।
बाद में वहां से गुजरे ग्रामीणों ने उन्हें उठाकर पानी के छींटे मारे और होश में आने पर उन्हें घर पहुंचाया। घर पहुंच कर किसान ने पूरे मामले से सभी को अवगत कराया। इसके बाद ग्रामीणों ने खेतों में तेंदुए को तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। तेंदुए की आमद में गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण अकेले खेतों की ओर निकलने से कतरा रहे हैं। इससे पहले भी तेंदुआ पैगंबरपुर, नाजरपुर, चकछावी, शहिदपुर में देखा जा चुका है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगवाकर तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।