अमरोहा। तिगरी धाम में लगने वाले ऐतिहासिक मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेला इस बार एक नवंबर से शुरू होगा। जबकि आठ नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्थान है। हर साल बीस लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। ऐतिहासिक तिगरी मेले में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर अधिकारियों को जिम्मेदारियां बांटी गई है। वहीं, तिगरी मेले को भव्य बनाने के लिए दो करोड़ रुपये का बजट शासन को भेजा गया है, जो पिछले साल के मुकाबले बीस लाख रुपये अधिक है।
तिगरी धाम में लगने वाला गंगा मेला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक मेला होता है। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर 20 लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान करते है। कार्तिक पूर्णिमा से पहले दिन लाखों लोग अपनें मृत परिजनों की याद दीपदान करते हैं। वर्ष 2017 में मेला को राजकीय घोषित किया गया था। इसलिए जिला प्रशासन ने बजट शासन को भेज दिया है।
अपर मुख्य अधिकारी हरमीक सिंह ने बताया कि इस बार मेले की व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, मेले को पिछले साल के मुकाबले और अधिक भव्य बनाया जाएगा। इस बार मेला आयोजित कराने के लिए दो करोड़ रुपये का बजट तैयार कर शासन को भेजा गया है। जल्द की जनराशि आवंटित हो सकती है। उन्होंने पिछले साल 1.80 करोड़ रुपये में मेले का आयोजन हुआ है। इस बार बजट 20 लाख रुपये अधिक है।
तिगरी मेले को भव्य बनाने के लिए अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी सौंप दी गई है मेले बजट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। मिले के संबंध में 17 नवंबर किसान को कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक होगी। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
किसी अधिकारी को मिली क्या जिम्मेदारी
मेले का साइट प्लान, समस्त अस्थाई मार्गों का निर्माण, मचान, बैरियर, बैरिकेडिंग, टिन फैसिंग, दागबेलिंग, समतलीकरण और घाटों का निर्माण कराने की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग की है। पेयजल व्यवस्था और बोरिंग कराने का कार्य जल निगम के अधिशासी अभियंता को सौंपा गया है। नाव, मल्लाह, गोताखोर और जाल आदि का कार्य अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड सिंचाई विभाग कराएंगे। संपूर्ण मेला क्षेत्र में प्रकाश की व्यवस्था की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता विद्युत गजरौला की होगी। पूरे मेले में होने वाले ध्वनि प्रसारण का जिम्मा जिला विद्यालय निरीक्षक पर होगा।
मेले में अस्थाई शौचालय, साफ सफाई की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी की होगी। तिगरी मेले में आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम की जिम्मेदारी ईओ नगर पालिका गजरौला ही होगी। टेंट, फर्नीचर, चटाई, पुआल, मूर्ति व यात्री छादकों, बोर्डो की मरम्मत, रंगाई पुताई का कार्य अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत की देखरेख में होगा। पूरे मेले में सुरक्षा व्यवस्था के साथ सीसीटीवी कैमरे लगवाने की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक की है।
श्रद्धालुओं के लिए ये होंगी सुविधाएं
हैंडपंप-900
अस्थायी शौचालय-1200
नाव-21
मचान-6
बैरियर-60
बोरिंग-6
पुराल- आवश्यकतानुसार
चटाई-आवश्यकतानुसार
सीसीटीवी कैमरे, संपूर्ण मेला क्षेत्र में
ड्रोन कैमरे-3
डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया वर्ष 2017 में शासन द्वारा मेले को राजकीय मेला घोषित किया गया है। जिसके बाद से मेली की व्यवस्थाओं पर होने वाला बजट का आवंटन शासन से होता है। पिछले साल मेले के आयोजन की अनुमति केवल पंद्रह दिन पहले मिली थी। इस कारण मेले के आयोजन के लिए जिला पंचायत अमरोहा को ही कार्यदायी संस्था घोषित कर कार्य कराया गया था। लेकिन इस बार निर्णय लिया गया है कि जो विभाग जिस कार्य के लिए है वही विभाग मेले का कार्य करेगा। उस कार्य के सापेक्ष होने वाले व्यय का बजट उसी विभाग को आवंटित कर दिया जाएगा।
कल होगी बैठक
अमरोहा। तिगरी धाम मेले के आयोजन को लेकर 17 सितंबर की शाम पांच बजे डीएम बीके त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित होगी। जिसमें मेले से जुड़े अधिकारी शामिल होंगे। वहीं मेले की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।