अमरोहा। हाईवे पर रूट डायवर्जन से लेकर तमाम सख्ती बरतने के बाद भी पुलिस हादसा को रोकने में नाकाम साबित हुई है। यही वजह है कि अलग-अलग सड़कों में चार कांवड़ियों की मौत हो गई। हाईवे पर पाकबड़ा से लेकर ब्रजघाट तक आठ जगह बैरियर लगाकर पुलिस तैनात रही। बावजूद इसके सड़क हादसे पुलिस की नाकामी को दर्शाते हैं।
सावन कांवड़ यात्रा के चलते हाईवे पर शिवभक्तों को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए प्रशासन ने रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है। कांवड़ियों के लिए दिल्ली से मुरादाबाद लेन को सुरक्षित किया है। जबकि मुरादाबाद से दिल्ली लेन पर वाहन चल रहे हैं। इतना ही नहीं कावड़ियों की सुरक्षा को लेकर हाईवे पर पाकबड़ा बॉर्डर, डिडौली, रजबपुर, भानपुर फाटक, चौपला चौराहा से लेकर ब्रजघाट तक आठ जगह बैरियर लगाकर पुलिस थाना की गई है। कोई वाहन कांवड़ियों की लेन पर न आए इसके लिए सख्ती बरती जा रही है। चाकचौबंद व्यवस्था होने के बाद भी रजबपुर, गजरौला और डिडौली क्षेत्र में हाईवे पर सड़क हादसे हो गए। इन हादसों में कांवड़िये आपस में एक दूसरे के वाहन से टकराकर घायल हो गए। इसमें चार कांवड़ियों की मौत हो गई।
सवाल ये है कि मुकम्मल व्यवस्था होने के बाद भी पुलिस हादसा को रोकने में नाकाम कैसे हो गई। हालांकि, हादसों में घायल कांवड़ियों को पुलिस ने ही अस्पतालों में भर्ती कराया, जिसकी वजह से कई शिव भक्तों की जान बच गई। सावन माह में सड़क हादसे में कांवड़ियों की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले साल भी तीन कांवड़ियों की मौत हुई थी। जबकि उससे पहले साल भी कई कांवड़ियों ने जान गवाई थीं। इस साल कांवड़ियों की मौत पर बवाल भी हुआ था। पिछले हादसों को देखते हुए पुलिस प्रशासन को आने वाले दोनों में और अधिक सतर्कता बरतनी पड़ेगी।
हादसे एक ही लेन में आपस में बाइक टकराने से हुए हैं। कांवड़ यात्रा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। आने वाले दिनों में और अधिक सतर्कता बरती जाएगी। इस संबंध में सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है।
राजीव कुमार सिंह, एएसपी