अमरोहा। किशोरी के अपहरण के दोषी को न्यायालय ने बृहस्पतिवार को तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि दुष्कर्म के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। फिलहाल दोषी जमानत पर जेल से बाहर था।
डिडौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान की बेटी को 27 अगस्त 2017 की रात गांव का ही रहने वाला युवक बहला- फुसलाकर ले गया था। जब किशोरी के परिजन पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करने जा रहे थे, तभी आरोपी के परिवार के तीन लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर मारपीट की। आरोपियों ने किशोरी को अगवा कर बंधक बनाने की बात कही थी। साथ ही पुलिस में शिकायत दर्ज करने पर जान से मारने की धमकी दी। 28 अगस्त 2017 को किशोरी के पिता ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जिसके बाद पुलिस ने किशोरी को बरामद कर दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी कर आरोपी को गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इसके बाद जब आरोपी जमानत पर छूटकर आया तो पीड़िता ने अपनी मर्जी से उसके साथ शादी कर ली। फिलहाल पीड़िता पर दो बच्चे हैं, लेकिन यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम डॉ. कपिला राघव की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी पॉक्सो एक्ट पैरवी कर रहे थे। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को बरी कर दिया। जबकि अपहरण के मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया।