अमरोहा।मध्य गंगा नहर का काम अमरोहा जिले के तीन गांवों के किसानों के विरोध के चलते अधर में लटका है। करीब 4900 करोड़ रुपये की यह मध्य गंगा नहर की चंदौसी शाखा परियोजना पूरी हो जाए तो मंडलभर के लाखों किसानों को इसका लाभ मिलेगा। करीब ढाई किलोमीटर लंबी नहर की खोदाई के लिए कई बार किसान व प्रशासन आमने-सामने आए। टकराव की स्थिति बनी तो प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। किसान करीब 1004 दिन से चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं। अब किसान और प्रशासन दोनों की चुप्पी के चलते कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है। प्रशासनिक अधिकारी भी शासन के निर्णय पर ही अगला कदम उठाने की बात कह रहे हैं। जबकि किसान चार गुना मुआवजे की मांग पर अड़े हैं।
जनपद बिजनौर बैराज से मध्य गंगा नार के निर्माण का कार्य वर्ष 2008 में शुरू हुआ था। इससे दो शाखाएं चंदौसी व बहजोई निकल रही हैं। इसमें चंदौसी को बैराज से दूरी करीब 126 किलो मीटर और बहजोई को 116.8 किलो मीटर है। वर्ष 2011 में निर्माण कार्य धनराशि के अभाव में बंद हो गया था। उस समय इसका बजट 1060.76 करोड़ था। लेकिन साल 2016 में दूसरे फेज का काम शुरू हुआ। जबकि वर्ष 2023 तक पूरा होना था। शासन ने बजट को बढ़ाकर 4417.21 करोड़ कर दिया। इससे बहजोई शाखा बन गई थी और उसमें पानी भी छोड़ दिया गया है। चंदैसी शाखा का काम अभी लटका है। यह तीन गांव कूबी, रामपुर घना और मोहनपुर में बंद है। यहां के किसान मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना मुआवजा मांग रहे हैं जबकि, प्रशासन उन्हें वर्ष 2011 के हिसाब से मुआवजा दे रहा है। फिलहाल, यहा मामला शासन तक पहुंच चुका है। किसान मुख्यमंत्री से भी मिलकर मांग कर चुके हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और किसान संगठन नेताओं से सहारा ले चुके हैं लेकिन, उनको अभी तक न्याय नहीं मिला है। तीनों गांव के किसान वर्ष 27 फरवरी 2023 से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। इधर, परियोजना के बजट को भी बढ़ाकर 4900 करोड़ कर दिया गया है। नहर बनने से मंडल के 12 ब्लॉक 1850 गांव के करीब 4.10 लाख किसानों को फायदा मिलेगा।