अमरोहा। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर भी जिले में होने वाले सड़क हादसों की वजह जानेंगे। प्रदेश सरकार की ओर से सड़क दुर्घटना जांच योजना लागू की गई है। किसी भी सड़क दुर्घटना में तीन या अधिक लोगों की मौत होने पर जांच समिति अपनी रिपोर्ट देगी। अगर इस जांच समिति की रिपोर्ट पर विवाद पैदा होता है तो समन्वय समिति जांच करेंगी। इसमें पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं सहित अन्य विभागों के अधिकारी, कर्मचारी शामिल होंगे।
एआरटीओ महेश शर्मा अनुसार अक्सर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाती है। लेकिन इसकी तमाम वजहें सामने नहीं आ पाती हैं। इसे देखते हुए जिले में दुर्घटना जांच समिति बनेगी। इसके नोडल अधिकारी एआरटीओ (प्रवर्तन) को बनाया गया है। एसपी ट्रैफिक सहयुक्त अधिकारी होंगे।
इस समिति में ट्रैफिक इंस्पेक्टर या फिर एसपी की ओर से नामित इंस्पेक्टर को सदस्य, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (प्रांतीय खंड) की ओर से नामित किए गए अभियंता और संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) भी सदस्य होंगे। डीएम के अनुमोदन पर समिति का गठन किया गया है।
थानेदारों की सूचना पर कार्रवाई करेगी जांच समिति
एआरटीओ महेश शर्मा ने बताया कि बड़ी दुर्घटना होने पर इसकी सूचना थानेदार की ओर से सड़क दुर्घटना जांच समिति को दी जाएगी। जानकारी मिलने पर जांचकर्ता पुलिस अधिकारी मौके पर जाकर अन्य सदस्यों को बताएंगे। पांच दिनों के भीतर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सभी सदस्यों की बैठक कर फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जांच समिति के सदस्यों के बीच किसी तरह का कोई विवाद न रहे, इसे देखते हुए डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति बनेगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, परिवहन, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अलावा सड़क की सुरक्षा के लिए काम करने वाली किसी स्वयं सेवी संस्था के प्रतिनिधि भी शामिल किए जाएंगे।