अमरोहा। ग्यारह साल पहले लूट के विरोध में किसान हसमत की गोली मारकर हत्या करने वाले तीन बदमाशों को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी दोषी जमानत पर बाहर थे, न्यायालय का फैसला आने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। मुकदमे की सुनवाई के चलते एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव रुखालू निवासी किसान हसमत 16 अगस्त 2014 की रात परिवार के सदस्यों के साथ घर के बरामदे में सो रहे थे। रात को करीब 12:30 बजे चार बदमाश घर में दाखिल हुए और उन्होंने कमरे की अलमारी से 36 हजार रुपये और सोने चांदी के जेवरात चोरी कर लिए।
आहट होने पर हसमत की आंख खुल गई और उन्होंने एक बदमाश को पकड़ लिया। इसके बाद अन्य तीन बदमाशों ने अपने साथी को छुड़ाने के लिए हसमत अली को पकड़ लिया और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। बाद में नकदी-जेवर को लेकर भाग गए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की थी।
मामले में मृतक हसमत के बेटे इरशाद ने अज्ञात के खिलाफ लूटपाट और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रुखालू गांव के रहने वाले बदमाश सुरेंद्र सिंह, नीरज सिंह, कलुआ और बछरायूं थानाक्षेत्र के जाटोवाली गांव के रहने वाले मुंशी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। तभी से मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीया की अदालत में चल रही थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी अमित कुमार वशिष्ठ पैरवी कर रहे थे। ग्यारह साल से मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। इस बीच आरोपी नीरज सिंह की मौत हो गई। शनिवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्याें व सबूतों के आधार पर आरोपी सुरेंद्र सिंह, मुंशी और कलुवा को दोषी करार दिया। साथ ही तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।