यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का परिणाम जल्द ही घोषित होने की संभावना है। इसी के साथ राजकीय और एडेड कॉलेजों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों की दौड़ शुरू हो जाएगी। इस बार करीब 25 हजार परीक्षार्थियों ने इंटर की परीक्षा दी थी। वहीं जिले के राजकीय और एडेड कॉलेजों में सीटाें की संख्या बहुत कम है। इसके साथ ही छात्रों को निजी कॉलेजों में प्रवेश लेकर महंगी फीस का बोझ झेलना होगा।
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का आयोजन बीती 24 फरवरी से 12 मार्च के बीच हुआ था। इसके लिए जिले में 71 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा में हाईस्कूल व इंटर के 51058 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। जिसमें इंटर के लगभग 25 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे। जिले के राजकीय और एडेड महाविद्यालयों में स्नातक की लगभग छह हजार सीटें हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को दाखिला पाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा से गुजरना होगा। यहां प्रवेश न मिल पाने के कारण छात्रों को निजी कॉलेजों में महंगी फीस पर प्रवेश लेने के लिए विवश होना पड़ सकता है।
तकनीकी शिक्षा के लिए पॉलीटेक्निक व आईटीआई भी विकल्प
स्नातक में प्रवेश के साथ तकनीकी शिक्षा पर भी युवाओं का जोर रहता है। इसके लिए पॉलीटेक्निक व आईटीआई भी बेहतर विकल्प हो सकते हैं। महामाया पॉलीटेक्निक ऑफ इंर्फोमेशन बछरायूं के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश चंद्रा ने बताया कि इंटर के बाद पॉलीटेक्निक में प्रवेश पाकर युवा रोजगार के लिए तकनीकी रूप से सशक्त हो सकते हैं। उन्होंने बताया की प्रवेश लेने के इच्छुक छात्र 30 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आईटीआई से भी स्वरोजगार के जरिए युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। जिले में पांच सरकारी आईटीआई कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है।