साथलपुर गोशाला के पास खेतों में ट्रक में भरे पशुओं को छोड़ रहे लोगों को ग्रामीणों ने रोक लिया। उन्होंने पशुओं को ट्रक से नीचे नहीं उतरने दिया। इसको लेकर देर रात तक हंगामा होता रहा। उधर, ट्रक में क्षमता से ज्यादा पशु भरे थे। इसकी वजह से दो पशुओं की ट्रक में ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि साथलपुर गोशाला में जगह नहीं होने पर गोवंशीय पशुओं को नहीं लिया जा रहा। वहीं, आए दिन कुछ लोग बाहर से ट्रकों व अन्य वाहनों से छुट्टा पशु लेकर गोशाला पहुंचते हैं, लेकिन जब गोशाला में पशुओं को संरक्षित करने से इनकार कर दिया जाता है, तो वह आसपास के खेतों में छोड़कर चले जाते हैं। शनिवार रात भी 30 से 40 पशु ट्रक में भरकर गोशाला लाए गए थे, लेकिन गोशाला में पशुओं को संरक्षित करने से मना कर दिया गया।
ऐसे में उन पशुओं को वापस ले जाना था, लेकिन ट्रक में सवार लोग पास के खेतों में ही पशुओं को छोड़ने की कोशिश करने लगे। इसकी जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने ट्रक से पशुओं को नीचे उतारने से मना कर दिया। इस पर दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई। जमकर हंगामा हुआ। उधर, ट्रक में क्षमता से ज्यादा पशु भरे होने से दो पशुओं की मौत भी हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। एसडीएम सुनीता सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।