हाशमी कॉलेज में बान सोत नदी पुनर्जीवन अभियान समिति की संगोष्ठी को संबोधित करते विधायक महबूब अली।
अगला विश्व युद्घ जल के लिए होना है। यदि हम आज जागरुक नहीं हुए तो यकीन मानिए कि हमारी पीढ़ियों को इसके लिए पछताना पड़ेगा। पर्यावरण को सभी स्तर के शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। यदि पाठ्यक्रम में इस प्रकार के विषय होंगे तो हमारे आज के बच्चे निश्चित रूप से इन समस्याओं का समाधान खोजने में सफल होंगे। यह विचार पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक महबूब अली ने अपने संबोधन में कही। वह हाशमी गर्ल्स पीजी कालेज में बुधवार को बान सोत नदी पुनर्जीवन अभियान समिति द्वारा आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम का आगाज नातेनबी से हुआ। समिति अध्यक्ष अजय टंडन ने इस अभियान की शुरूआत पर प्रकाश डालते कहा कि मानव सभ्यताओं का विकास नदियों के किनारे हुआ है। बहुत सी ऐसी नदियां हैं जो आज लुप्त हो चुकी हैं। किंतु उनकी महत्वता कम नहीं हुई है। तृतीय विश्व युद्ध निश्चित रूप से पानी की कमी के कारण होगा। जल संरक्षण के लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनता से सहयोग लेने एवं उन्हें जागरूक करने को आवश्यक माना।
विषय प्रवर्तन विश्व प्रकृति निधि भारत से पधारे डा. मोहम्मद आलम ने जल प्रदूषण के कारणों पर किए गए शोध पर प्रकाश डालते हुए नदी के स्वास्थ्य की जांच संबंधी स्वनिर्मित उपकरणों का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तीन माह में नदी के जल के स्वास्थ्य की जांच करके संबंधित विभाग को रिपोर्ट करके भयानक हो रही स्थिति को रोका जा सकता है। विश्व प्रकृति निधि भारत से पधारीं अन्य प्रतिनिधि नेहा भटनागर ने बताया कि 2050 तक भारत ही नहीं अपितु विश्व में जल की भयंकर कमी हो जाएगी। उन्होंने अपने शोध के माध्यम से अमरोहा क्षेत्र में घट रहे भूजल को आंकड़ों के माध्यम से प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष हाशमी एजुकेशनल ग्रुप चेयरमैन डा. सिराज उद्दीन हाशमी ने कहा कि यदि जल संरक्षित नहीं होगा तो जीवन भी सुरक्षित नहीं रहेगा। हमें आने वाली पीढ़ी के लिए आज ही यह संकल्प लेना होगा कि हम किसी भी रूप में जल को प्रदूषित न करें, न ही उसका दुरुपयोग करें।
उन्होंने जल संरक्षण के लिए नारा देते हुए कहा.... जल संरक्षा, जीवन रक्षा। उपस्थित जन समुदाय से जल संरक्षा के लिए संकल्प भी कराया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन होगा। संचालन बीएड विभागाध्यक्ष डा. सन्त कुमार मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में एकेके इंटर कालेज के प्रधानाचार्य आदिल अब्बासी, जेएस हिन्दू डिग्री कालेज से सेवानिवृत्त सरदार सिंह, समिति के संरक्षक सतीश अरोड़ा, खान सलाउद्दीन, महामंत्री पंकज मित्तल, कोषाध्यक्ष विरेन्द्र पाल सिंह व कालेज स्टाफ मौजूद रहा।