सीएचसी रहरा में महिला चिकित्सक नहीं, मरीज हो रहे परेशान
रहरा (अमरोहा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रहरा में महिला चिकित्सक नहीं होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं को नॉर्मल प्रसव नहीं होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में न तो फिजीशियन है और न ही कोई सर्जन है। पचास से अधिक गांव के लोग यहां दवाई लेने के लिए रोजाना आते हैं, लेकिन मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल रहा।
शनिवार की दोपहर एक बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्साधीक्षक डॉ. सौरभ त्यागी अपने कक्ष में मरीजों को देख रहे थे। इसके अलावा लैब टेक्नीशियन आले हसन मरीजों के खून की जांच कर रहे थे। अस्पताल में डॉ. सौरभ त्यागी के अलावा एक और चिकित्सक डॉ. सुशील गुप्ता हैं, जो अपने कक्ष में मरीजों को परामर्श दे रहीं थीं। अस्पताल में महिला एवं स्त्री रोग विशेष की तैनात भी नहीं है। यहां केवल नॉर्मल डिलीवरी की जाती है। प्रसव के दौरान यदि कोई समस्या आती है तो गर्भवती महिला को रेफर करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचता। यही हाल नवजात के साथ भी होता है। नवजात ठीक है तो कोई बात नहीं, यदि उसे कोई समस्या है तो रेफर कर दिया जाता है। हर माह करीब पचास से अधिक गर्भवती महिलाएं ऐन वक्त पर रेफर कर दी जाती हैं। कई बार रास्ते में जाने के दौरान गर्भवती महिलाओं की हालत अधिक खराब हो जाती है। अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में रोजाना दो से अधिक मरीज दवा लेने पहुंच रहे हैं। इनमें पचास से अधिक मरीज बुखार, खांसी, खुजली एवं अन्य रोगों से ग्रसित पहुंच रहे हैं।
निजी अस्पतालों में कराया जाता है प्रसव
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेष नहीं होने के कारण मरीजों को यहां से रेफर कर दिया जाता है। मजबूरी में लोग आसपास के निजी अस्पतालों में महिलाओं को भर्ती कराते हैं। जहां अप्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा प्रसव कराया जाता है। क्षेत्र में ऐसे ही प्रसव के दौरान अब तक कई महिलाओं व नवजातों की मौत हो चुकी है। लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
फिजीशियन और महिला डॉक्टर की तैनाती के लिए विभागीय अधिकारियों से कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। जल्द ही यहां महिला चिकित्सक की तैनाती होनी की उम्मीद है।
-सौरभ त्यागी, चिकित्साधीक्षक सीएचसी रहरा।