अमरोहा। चोरी के आरोपी कमल सिंह ने गैर जमानती वारंट निरस्त करने के लिए एम्स ऋषिकेश की कूटरचित दस्तावेज दाखिल कर दिए। इसमें मरीज का नाम काटकर अपना दर्शाया गया है। इसके अलावा एक और डॉक्टर का पर्चा लगाया गया। एक पर्चे में उम्र 66 साल अंकित है तो दूसरे में आठ वर्ष। मामला पकड़ में आने के बाद कोर्ट ने चोरी के आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। कोर्ट के वाद लिपिक ने आरोपी कमल के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
चोरी का यह मामला मंडी धनौरा थाने से जुड़ा है। साल 2020 में थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें पुलिस ने बछरायूं थानाक्षेत्र के पतेवा गांव निवासी कमल सिंह को गिरफ्तार का जेल भेजा था। फिलहाल कमल जमानत पर है। लगातार कोर्ट से गैरहाजिर होने के चलते कमल के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। 21 अगस्त को आरोपी कमल सिंह वकील के साथ गैर जमानतीय वारंट निरस्त कराने के लिए कोर्ट में पेश हुआ और प्रार्थनापत्र दाखिल किया।
कमल ने प्रार्थनापत्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी कागजों की फोटो कॉपी भी लगाई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना व पत्रावली का अवलोकन किया। आरोपी कमल सिंह की ओर से लगाए गए कागजों के अवलोकन के दौरान सामने आया कि एम्स ऋषिकेश की रसीद में मरीज का नाम काटकर कमाल लिखा है व उम्र 66 वर्ष दर्ज है। वहीं डॉक्टर अमन सिंगल डिलाइट हेल्थ केयर सेंटर का पर्चा दाखिल किया जिसमें उम्र 8 वर्ष अंकित है। कोर्ट ने पाया कि स्वास्थ्य संबंधित प्रपत्रों में मरीज का नाम काटकर कमल लिखा गया है। अनुचित लाभ लेने के लिए कूटरचित दस्तावेज दाखिल करने पर कोर्ट ने प्रार्थनापत्र को निरस्त कर दिया। साथ ही आरोपी कमल को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने वाद लिपिक उमेश कुमार आर्य को कमल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि मामले में उमेश कुमार आर्य की शिकायत पर आरोपी कमल के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस धाराओं में दर्ज की रिपोर्ट
सीओ ने बताया कि आरोपी कमल के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4), 338, 336(3), 340(2) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।