ढबारसी (अमरोहा)। इन दिनों हर तरफ रामलीला की धूम है। हर रात मंचन के माध्यम से राम की कथा आगे बढ़ रही है। प्रसंगों के इस बढ़ते क्रम में ढबारसी की आदर्श रामलीला कमेटी ने इस बार अनूठा कदम भी बढ़ाया है। राम-सीता विवाह के प्रसंग के बीच गांव की एक बेटी का विवाह भी रामलीला के दौरान संपन्न कराया गया। बेटी के परिवार की आर्थिक परिस्थितियों को समझते हुए कमेटी ने विवाह से जुड़ी हर जरूरत और बजट का प्रबंध खुद किया। सिय संग दुल्हन बनी गांव की बेटी को उत्साह के साथ विदा किया।
यूं तो आदर्श रामलीला कमेटी 63 साल से मंचन का आयोजन करा रही है लेकिन शुक्रवार रात का मंचन सिर्फ ढबारसी ही नहीं आसपास के कई गांवों के लिए भी
यादगार बन गया। कमेटी ने धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सामाजिक दायित्व के लिए भी पहल की। गांव के एक एेसे परिवार को चुना, जो बेटी की शादी तय कर चुका था और विवाह समारोह की बड़ी व्यवस्थाओं को लेकर चिंतित था। कमेटी पदाधिकारियों ने बेटी को अपनी बिटिया बताते हुए शादी की सारी व्यवस्थाएं अपने स्तर से करने की घोषणा कर दी। साथ ही तय किया कि सीता स्वंयवर के प्रसंग के मंचन के साथ गांव की बिटिया भी जनक नंदिनी के साथ स्टेज पर नजर आएगी। राम के साथ दूल्हे का आगमन होगा और फिर जयमाल समेत अन्य पारंपरिक रस्मों के साथ विवाह संपन्न कराया जाएगा।
शुक्रवार की रात रामलीला के मंच पर यह योजना जब हकीकत में तब्दील हुई तो पूरा पंडाल जयकारों से गुंजायमान हो गया। मां सीता की तरह और उनके साथ
दुल्हन स्वरूप में मौजूद बिटिया को देख माता-पिता के हाथों से फूल बरस रहे थे और आंखों से खुशियां। कमेटी पदाधिकारी कन्यादान में भी पीछे नहीं रहे।
नवयुगल को गृहस्थी और दूल्हा-दुल्हन के लिए जरूरी साजो सामान के साथ विदा किया। दर्शकों में मौजूद तमाम लोगों ने इस अनूठे आयोजन को मोबाइल फोन के कैमरे में कैद किया। फोटो, सेल्फी के साथ वीडियो भी बनाई गई।
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लोग बोले, धन्य है रामलीला कमेटी का हर सदस्य
जब राम-सीता के विवाह के मंचन के बीच मंच पर असल विवाह समारोह हुआ तो दर्शकों में शामिल हर शख्स ने इस फैसले की सराहना की। कमेटी के पदाधिकारियों से कहा, आप धन्य हैं। इस यादगार आयोजन में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अंकुर त्यागी और प्रबंधक राजेश शर्मा की अहम भूमिका रही। साथ
ही कमेटी के संरक्षक निशापति शर्मा, नवीन चतुर्वेदी, अजय गोयल, प्रमोद त्यागी, राजीव गोयल, नरेश ठाकुर, अमित कुमार, प्रमोद सागर, गुड्डू सैनी, मोनू गोयल, हुकम सिंह, प्रदीप शर्मा, शशांक त्यागी, अभिनव शर्मा आदि ने भी योगदान दिया।