जनपद में हरियाली तीज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने हाथों पर मेहंदी रचाकर सखियों के साथ झूला झूूली। सावन के गीतों पर झूला झूलकर पींग बढ़ाई। वासुदेवी तीर्थ पर तीज मेले पर महिलाओं ने झूूलों पर पींग बढ़ाई और खरीदारी की। बच्चों ने झूलों का जमकर लुफ्त उठाया।
जनपद में हरियाली तीज पर्व को लेकर महिलाओं में उत्साह देखा गया। नव विवाहिताएं कई दिन से सजने संवरने में जुटी हुई थी। दुल्हन की तरह सोलह श्रृंगार किया। हाथों पर मेहंदी रचाई तो पांवों में महावार लगाया। परिवार की खुशहाली की कामना की गई। दोपहर बाद महिलाओं ने सखी, सहेलियों के साथ झूला झूली। सावन के लोकगीत गुनगुनाए। झूला तो पड़ गयौ अमुआ की डाल पे, कच्चे नीम की निंबौली सावन जल्दी आओ रे, सावन के झूलों ने मुझको बुलाया आदि गानों पर झूला झूलीं। वहीं वासुदेव तीर्थ स्थल पर तीज मेले का आयोजन हुआ। यहां महिलाएं झूला झूली। सावन के लोकगीतों पर पींग बढ़ाई। मेले में महिलाओं व युवतियों ने जमकर खरीदारी की तो बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त रहे।