गजरौला(अमरोहा)। आयुष मंत्रालय में नौकरी लगवाने के नाम पर 15 लाख रुपये ऐंठने वाले आरोपी ने पुलिस की गिरफ्त में आने पर चार बीघे जमीन का पीड़ित को बैनामा कर अपना पीछा छुड़ाया। पीड़ित के कहने पर उसके घर गई गजरौला पुलिस ने आरोपी को उठा लिया। हापुड़ तहसील में जमीन का बैनामा कराने पर उसे छोड़ा गया।
गजरौला के चकनवाला निवासी युवक की हापुड़ जिले के मुदाफरा ग्राम पंचायत के मझरा बागड़पुर निवासी युवक से जान पहचान थी। उसने 2018 में चकनवाला निवासी युवक को अपना परिचित आयुष मंत्रालय में बताते हुए सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही। नौकरी की बात पक्की होने पर उसे 16 लाख रुपये दे दिए गए। उस पर आरोप है कि उसने दो अन्य युवकों को भी नौकरी लगवाने के नाम पर फंसा लिया। उनसे भी लाखों रुपये हड़प लिए। बाद में तीनों को नौकरी के फर्जी परिचय पत्र और ज्वाइनिंग लेटर थमा दिए। जिस जगह उनकी ज्वाॅइनिंग बताई गई थी, उस स्थान पर जाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। तीनों युवकों ने आरोपी से अपने रुपये मांगने शुरू किए। वह आजकल में रकम देने की बात कहकर टाल मटोल करता रहा। पांच साल से उसके चक्कर लगाते रहे। संभ्रांत लोगों की पंचायत भी कराई, लेकिन उसने साफ इन्कार कर दिया। जिस पर पीड़ित ने थाना पुलिस से गुहार लगाई। एसआई रामेंद्र सिंह ने टीम के साथ आरोपी के घर दबिश दी। उसके खिलाफ नौकरी के नाम पर रकम ठगने का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की बात कही। जिस पर आरोपी ने अपनी चार बीघे जमीन बेच कर रुपये वापस करने की बात कही। पुलिस का दबाव बनने पर उसने चार बीघे जमीन का बैनामा पीड़ित के नाम कराया। यह तय हुआ कि वह 15 लाख रुपये दे देगा तो उसकी जमीन वापस कर दी जाएगी। जमीन के बैनामे का खर्चा भी आरोपी ही वहन करेगा। थानाध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कार्रवाई की पुष्टि की है।