एयरपोर्ट पर बातचीत करती हुई ईरान से वापस आई छात्रा अर्श। स्रोत परिजन
नौगांवा सादात। ईरान के शिराज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस पहले साल की पढ़ाई करने वाली नौगांवा सादात निवासी अर्श सेहरा, युसरा बतूल और अमरोहा निवासी रिम्शा शनिवार घर लौट आई हैं। परिजनों के मुलाकात के बाद तीनों छात्राएं भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि ईरान में सब कुछ ठीक हैं। उन्होंने कहा कि वहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है। जिस वजह से स्टूडेंट्स को न कोई वॉर्निंग मिल रही है, न अफवाहें सुनने में आ रही हैं।
हिंसा की कोई वीडियो वायरल नहीं हो रही है। अर्श ने बताया कि उन्हें तो बहुत सी चीजों के बारे में मालूम भी नहीं है। भारतीय दूतावास ने पहले ही ईरान में मौजूद भारतीयों को लेकर एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें उन्हें देश छोड़ने की सलाह दी गई।
उन्होंने बताया कि सिर्फ सुनने को मिलता था कि ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल गश्त कर रहे हैं। दुकानें बंद हैं। लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं। देर रात तक पुलिस के वाहनों की आवाज गूंज रही है। वहां शाम को छह से आठ बजे के बाद विरोध प्रदर्शन होता था। अगर कोई हिम्मत करके जरूरी सामान की तलाश में भी निकल रहा था तो उसे सुरक्षाबलों द्वारा चेतावनी देर वापस भेज दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अराक, कौम, मशहद व तेहरान जैसे शहरों में हालात गंभीर हैं।
छात्राओं ने बताया कि अब भविष्य को लेकर चिंता सता रही है कि वहां कब वापसी होगी, यह कहना मुश्किल है। जैसे ही एयरपोर्ट पर विमान से उतरा तो मेरे साथ परिवार ने भी राहत की सांस ली। इंटरनेट बंद होने के कारण घर वालों से बात नहीं हो पा रही थी, तो वह चिंतित थे। छात्रा अर्श और उनके परिजनों की बात मोबाइल एसएमएस के जरिए होती थी।
छात्राओं ने बताया कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं। किसी तरह की उन्हें वहां परेशानी नहीं है। वहां अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। छात्राओं ने बताया कि जब वहां से निकल रहे थे, तो जगह-जगह पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात था। मानो ऐसा लग रहा हो कि युद्ध चल रहा है। उन्होंने बताया कि तिरंगा देख सुरक्षाकर्मी अच्छे से बरताव और हर मदद करने को तैयार थे। संवाद
एयरपोर्ट पर बातचीत करती हुई ईरान से वापस आई छात्रा अर्श। स्रोत परिजन