रामपुर मूड़ और डूंगरपुरी गांव के बीच 2.7 किलोमीटर लंबा मार्ग करीब 12 वर्षों से बदहाल है। यह सड़क मंडी परिषद के अधीन आती है। लोगों का आरोप है कि मंडी परिषद के अफसर सड़क के निर्माण के लिए प्रति उदासीन हैं। कई बार शिकायत के बावजूद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे लोगों में रोष है। यह रास्ता क्षेत्र के दस से ज्यादा गांवों को जोड़ता है, लेकिन मरम्मत न होने के कारण लोगों के लिए यह मार्ग अभिशाप बन गया है।
हसनपुर से झम्मनलाल पीजी कॉलेज, रामपुर भुड़, डूंगरपुरी, बसेड़ा खुर्द, अलीपुर, कटाई, नवादा होते हुए गजरौला चौपाल तक एक मार्ग जाता है, जो आगापुर, नसीरपुर, शेरगढ़, सिंहाली, सेमला व सेमली पूठी को भी जोड़ता है। यह मार्ग अधिकांश लोक निर्माण विभाग के अधीन है, लेकिन इसमें रामपुर भूड़ से डूंगरपुरी के बीच 2.7 किलोमीटर की सड़क मंडी परिषद के अधीन आती है।
इसके निर्माण की जिम्मेदारी भी मंडी परिषद की ही है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क में जगह-जगह गड्ढे बनने के कारण उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लोग बोले- डीएम से लेकर सीएम तक लगाई गुहार
सड़क के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक प्रार्थनापत्र देकर समाधान की मांग की है, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। रामपुर भुड़ व डूंगरपुरी के अंकित चौहान, अमर सिंह चौहान, यशपाल सिंह, मनोज कुमार, दीपक कुमार आदि ने 21 फरवरी 2025 को एक प्रार्थनापत्र डीएम कार्यालय पर दिया था। इसके अलावा ग्रामीणों ने आईजीआरएस पोर्टल पर भी कई बार इसकी शिकायत की। इसके जवाब में बताया गया कि मंडी परिषद के पास बजट नहीं है। इसलिए सड़क निर्माण में देरी हो रही है। वहीं अब फिर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द सड़क के निर्माण की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो वह प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
- सड़क मंडी परिषद के अधीन है या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। पूरे मामले की जांच कर उचित कार्य किया जाएगा। - पुष्कर नाथ चौधरी, एसडीएम हसनपुर